राज्यसभा चुनाव के बाद सियासी संकट: आरजेडी और कांग्रेस में बढ़ी खींचतान, बागी विधायकों पर कार्रवाई को लेकर असमंजस

पटना, 21 मार्च 2026: बिहार के हालिया राज्यसभा चुनाव के नतीजों ने महागठबंधन की राजनीति को झकझोर कर रख दिया है। जहां राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने सभी सीटों पर जीत दर्ज कर बढ़त बना ली, वहीं राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कांग्रेस को अप्रत्याशित हार का सामना करना पड़ा।

इस हार के बाद अब दोनों दलों के भीतर क्रॉस वोटिंग और विधायकों की अनुपस्थिति को लेकर गंभीर मतभेद सामने आ रहे हैं।

हार की बड़ी वजह: अनुपस्थिति और क्रॉस वोटिंग

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महागठबंधन की हार के पीछे सबसे बड़ा कारण:

  • कुछ विधायकों का वोटिंग के दौरान अनुपस्थित रहना
  • संभावित क्रॉस वोटिंग

रहा है।

इसी वजह से अब गठबंधन के भीतर जवाबदेही तय करने को लेकर दबाव बढ़ गया है।

कांग्रेस में असमंजस की स्थिति

कांग्रेस ने अपने कुछ विधायकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है, लेकिन पार्टी अभी भी कड़ी कार्रवाई को लेकर स्पष्ट निर्णय नहीं ले पा रही है।

बताया जा रहा है कि नोटिस पाने वाले प्रमुख विधायक हैं:

  • सुरेंद्र मेहता
  • मनोज विश्वास
  • मनोहर प्रसाद सिंह

पार्टी नेतृत्व का कहना है कि जवाब मिलने के बाद ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

कार्रवाई क्यों नहीं हो पा रही?

कांग्रेस और आरजेडी दोनों ही दलों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि:

  • राज्यसभा चुनाव में दल-बदल कानून सीधे लागू नहीं होता
  • कड़ी कार्रवाई करने से विधानसभा में संख्या बल कमजोर हो सकता है

इसी कारण दोनों पार्टियां फिलहाल संतुलन साधने की रणनीति पर चल रही हैं।

टिकट और निष्ठा पर भी उठे सवाल

कांग्रेस के भीतर ही कुछ नेताओं का मानना है कि जिन विधायकों पर सवाल उठ रहे हैं, वे पार्टी की मूल विचारधारा से पूरी तरह जुड़े नहीं थे।

  • कुछ को बाहरी प्रभाव के कारण टिकट मिला
  • कुछ नेताओं के अन्य दलों से करीबी संबंध बताए जा रहे हैं

इससे पार्टी के अंदर नेतृत्व और चयन प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

आरजेडी भी दुविधा में

दूसरी ओर, आरजेडी भी अपने विधायक फैसल रहमान को लेकर असमंजस में है।

  • उन्होंने वोटिंग में अनुपस्थिति की वजह पारिवारिक परिस्थितियों को बताया है
  • पार्टी इस मामले में जल्दबाजी में कोई कठोर फैसला नहीं लेना चाहती

सूत्रों के अनुसार, शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर विचार-विमर्श के बाद ही निर्णय लिया जाएगा।

गठबंधन में बढ़ती खींचतान

इस पूरे घटनाक्रम के बीच कांग्रेस और आरजेडी के बीच भी मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं।

कांग्रेस के कुछ नेताओं ने आरोप लगाया है कि:

  • उम्मीदवार चयन में उन्हें नजरअंदाज किया गया
  • फैसले एकतरफा तरीके से लिए गए

जिससे गठबंधन के भीतर असंतोष और गहरा गया है।

आगे क्या?

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि:

  • क्या दोनों दल बागी विधायकों पर सख्त कार्रवाई करेंगे?
  • या फिर राजनीतिक नुकसान से बचने के लिए नरम रुख अपनाएंगे?

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर लिए गए फैसले से महागठबंधन की भविष्य की रणनीति तय होगी।

निष्कर्ष

राज्यसभा चुनाव के नतीजों ने बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।

आरजेडी और कांग्रेस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती है—आंतरिक अनुशासन बनाए रखना और गठबंधन को मजबूत रखना

अगर समय रहते स्थिति नहीं संभाली गई, तो इसका असर आने वाले चुनावों पर भी साफ तौर पर दिख सकता है।

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