पटना, 21 मार्च 2026: ईद-उल-फितर के मौके पर बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राजधानी पटना में विभिन्न खानकाहों का दौरा कर आपसी प्रेम, भाईचारे और सौहार्द का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने कई प्रमुख धार्मिक स्थलों पर पहुंचकर सजदा किया और मुस्लिम समाज सहित सभी प्रदेशवासियों को ईद की शुभकामनाएं दीं।
खानकाह मुजीबिया से शुरू हुआ दौरा
मुख्यमंत्री ने अपने कार्यक्रम की शुरुआत फुलवारीशरीफ स्थित खानकाह मुजीबिया से की। यहां उन्होंने सज्जादा नशीं हजरत सैयद शाह आयतुल्ला कादरी से मुलाकात की, उनकी दुआएं लीं और राज्य में शांति व समृद्धि की कामना की।
मुनएमिया में अमन-चैन के लिए मांगी दुआ
इसके बाद मुख्यमंत्री पटना सिटी के मित्तन घाट स्थित खानकाह-ए-मुनएमिया पहुंचे। यहां उन्होंने सज्जादा नशीं हजरत सैयद शाह शमीमुद्दीन अहमद मुनअमी के साथ राज्य की खुशहाली और सामाजिक सौहार्द के लिए दुआ की।
मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद लोगों से मुलाकात कर ईद की बधाई भी दी।
बारगाह-ए-इश्क में भी किया सजदा
नीतीश कुमार का काफिला इसके बाद तकिया शरीफ स्थित खानकाह बारगाह-ए-इश्क पहुंचा, जहां उन्होंने सज्जादा नशीं सैयद शाह ख्वाजा आमिर शाहिद समेत अन्य लोगों को ईद की मुबारकबाद दी।
इस दौरान मुख्यमंत्री पारंपरिक रूप से लोगों के साथ मिले और सेवई व सूखे मेवे का भी आनंद लिया।
गांधी मैदान नहीं पहुंचे, बेटे निशांत रहे मौजूद
इस बार एक खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री गांधी मैदान में ईद की नमाज में शामिल नहीं हुए। वर्ष 2005 के बाद यह पहला मौका है जब वे वहां नहीं पहुंचे।
हालांकि, उनकी जगह उनके पुत्र निशांत कुमार गांधी मैदान पहुंचे, जिससे राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गईं। कई लोग इसे भविष्य की राजनीति से जोड़कर भी देख रहे हैं।
मुख्यमंत्री का संदेश
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि ईद का त्योहार इंसानियत, मोहब्बत और भाईचारे का प्रतीक है। उन्होंने कामना की कि इस पावन अवसर पर “खुदा सभी पर अपनी रहमत बरसाए और राज्य में सुख, शांति एवं समृद्धि कायम रहे।”
कई नेता और अधिकारी रहे साथ
मुख्यमंत्री के इस दौरे के दौरान कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें:
- ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक चौधरी
- जदयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा
- विधायक श्याम रजक
- विधान पार्षद संजय कुमार सिंह (गांधीजी)
- जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम.
- एसएसपी कार्तिकेय के. शर्मा
सहित अन्य गणमान्य लोग शामिल थे।
निष्कर्ष
ईद के मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का यह दौरा सामाजिक समरसता और धार्मिक सद्भाव को मजबूत करने का संदेश देता है। साथ ही, गांधी मैदान में उनकी गैरमौजूदगी और निशांत कुमार की उपस्थिति ने राजनीतिक चर्चाओं को भी हवा दे दी है।


