बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शुक्रवार को गया जिले के टनकुप्पा प्रखंड अंतर्गत मायापुर गांव में समृद्धि यात्रा के तहत पहुंचे। इस दौरान उन्होंने 743 करोड़ की लागत से 693 योजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इसके अलावा मिलेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का भी उद्घाटन किया गया।
45 हजार BPSC शिक्षकों की जल्द बहाली
सीएम ने कहा कि 2023 से अब तक राज्य में 5 लाख 24 हजार शिक्षकों की बहाली हो चुकी है। उन्होंने यह भी ऐलान किया कि BPSC से 45 हजार शिक्षकों की जल्द बहाली की प्रक्रिया चल रही है।
विकास और कृषि में उपलब्धियां
निवासियों से बात करते हुए सीएम ने कहा कि हर गांव सड़क से जुड़ा है और यात्रा अब आसान हो गई है। उन्होंने कृषि क्षेत्र में भी उपलब्धियां गिनाईं:
- मछली उत्पादन में बिहार आत्मनिर्भर
- किसानों की आय में वृद्धि
- 10 लाख सरकारी नौकरी और 40 लाख रोजगार प्रदान
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार
सीएम ने स्वास्थ्य क्षेत्र की प्रगति का जिक्र किया:
- पीएचसी में अब 11 हजार मरीज प्रति माह
- मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 12 हुई
- पीएमसीएच को 5400 बेड का बनाया जा रहा है
- आईजीआईएमएस का विस्तार
2005 से लेकर अब तक की उपलब्धियां
नीतीश कुमार ने 2005 के बाद बिहार में कानून का राज स्थापित होने और हर क्षेत्र में विकास कार्यों का हवाला दिया। उन्होंने लालू राज पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पहले विकास के नाम पर कुछ नहीं हुआ।
गया के विकास पर जोर
CM ने गया में गंगा जलापूर्ति, रबर डैम, गया-बोधगया कॉरिडोर समेत कई परियोजनाओं का उल्लेख किया। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि पहले 3-4 घंटे लगते थे, अब केवल 1-1.5 घंटे में पहुंचा जा सकता है। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि पहले यह इलाका डकैतों का अड्डा था, लेकिन अब विकास हो चुका है।
इस अवसर पर बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार और प्रभारी मंत्री दिलीप जायसवाल समेत कई अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे।


