अगर किसी को अकारण भय सताता है या आयु के संकट महसूस होते हैं, तो उन्हें मां शैलपुत्री की पूजा करनी चाहिए। ऐसा करने से पेट के रोगों में राहत मिलती है और कुंडली में चंद्रमा मजबूत होता है। इस पूजा के दौरान खुद को बालक की तरह सरल और निश्चिंत भाव से प्रस्तुत करना चाहिए।
जिन लोगों की स्मरण शक्ति कमजोर है, मन-मस्तिष्क थकान महसूस करता है, या गैस से जुड़े रोग हैं, उनके लिए मां ब्रह्मचारिणी की पूजा लाभकारी मानी जाती है। इससे मंगल ग्रह मजबूत होता है और खानपान व सोने-जागने के समय में अनुशासन आता है।
मोटापे और ह्रदय रोग से परेशान लोगों के लिए मां चंद्रघंटा की पूजा अत्यंत लाभकारी है। यह रूप शारीरिक कमजोरी को दूर करने में मदद करता है और हृदय स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाता है।
इस प्रकार, विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं और मानसिक संतुलन के लिए मां दुर्गा के अलग-अलग रूपों की साधना और पूजा करना उपयोगी है।


