
HIGHLIGHTS: डिलीवरी चार्ज के बाद अब ‘प्लेटफॉर्म फीस’ की मार; हर ऑर्डर पर जेब होगी और ढीली
- ताज़ा बढ़ोतरी: जोमेटो (Zomato) ने अपनी प्लेटफॉर्म फीस में ₹2.40 का इजाफा किया है।
- नया रेट कार्ड: अब प्रति ऑर्डर ₹12.50 की जगह ₹14.90 (बिना GST) चुकाने होंगे; टैक्स जोड़कर यह करीब ₹18 तक पहुँचेगा।
- जंग का असर: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उछाल को बताया जा रहा है मुख्य कारण।
- गोल्ड में भी ‘होल’: यह बढ़ोतरी Zomato Gold मेंबर्स के लिए भी लागू होगी, यानी ‘फ्री डिलीवरी’ के बावजूद यह फीस देनी ही होगी।
नई दिल्ली/पटना | 20 मार्च, 2026
ऑनलाइन खाना ऑर्डर करने के शौकीनों के लिए आज का दिन ‘महंगा’ साबित होने वाला है। मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध की लपटें अब आपके डिनर टेबल तक पहुँच गई हैं। देश की दिग्गज फूड डिलीवरी कंपनी जोमेटो (Zomato) ने अपनी ‘प्लेटफॉर्म फीस’ में करीब 19% की भारी बढ़ोतरी कर दी है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ (VOB) के सूत्रों के अनुसार, यह फैसला आज यानी शुक्रवार सुबह से ही पूरे देश में लागू कर दिया गया है।
क्यों बढ़ी फीस? ‘तेल’ की आग में झुलसा जोमेटो!
हवाई हमलों और खाड़ी में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं।
- ऑपरेशनल कॉस्ट: ईंधन महंगा होने से डिलीवरी पार्टनर्स का खर्च बढ़ गया है।
- LPG का संकट: कमर्शियल गैस सिलेंडरों की किल्लत और बढ़ती कीमतों ने रेस्टोरेंट्स की लागत बढ़ा दी है, जिससे निपटने के लिए कंपनियां मार्जिन बढ़ा रही हैं।
- मुनाफे पर नजर: जोमेटो (अब इटरनल लिमिटेड) अपनी ‘यूनिट इकोनॉमिक्स’ सुधारने और घाटे को कम करने के लिए इस फीस को एक बड़े रेवेन्यू सोर्स के रूप में देख रहा है।
कितनी बढ़ेगी आपकी बिल राशि?
अगर आप आज खाना ऑर्डर करते हैं, तो आपका बिल कुछ इस तरह बढ़ेगा:
- पुरानी प्लेटफॉर्म फीस: ₹12.50 (बिना GST)
- नई प्लेटफॉर्म फीस: ₹14.90 (बिना GST)
- टैक्स के साथ कुल बोझ: GST (18%) जुड़ने के बाद आपको हर ऑर्डर पर करीब ₹17.58 केवल प्लेटफॉर्म फीस के तौर पर देने होंगे।
प्रतिद्वंद्वियों का क्या है हाल?
जोमेटो की इस चाल के बाद बाजार में मुकाबला दिलचस्प हो गया है:
- Swiggy: स्विगी पहले से ही करीब ₹14.99 (टैक्स सहित) चार्ज कर रही है।
- Magicpin: मैजिकपिन ने फिलहाल अपनी फीस (₹14.20) न बढ़ाने का फैसला किया है ताकि ग्राहकों को राहत मिल सके।
- Rapido: रैपिडो की नई फूड सर्विस ‘Ownly’ ने बिना किसी अतिरिक्त फीस के सर्विस देने का दावा कर चुनौती बढ़ा दी है।
VOB का नजरिया: क्या ‘सुविधा’ के नाम पर वसूली जा रही है मनमानी फीस?
जोमेटो और स्विगी जैसी कंपनियां अब केवल ‘डिलीवरी’ नहीं कर रही हैं, बल्कि वे आपके खाने के बिल का एक बड़ा हिस्सा ‘सर्विस और प्लेटफॉर्म’ के नाम पर वसूल रही हैं। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ का मानना है कि ₹2 से शुरू हुई यह फीस अब ₹15 के करीब पहुँचना मध्यमवर्गीय ग्राहकों के लिए चिंता का विषय है।
एक तरफ पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ रहे हैं, दूसरी तरफ रसोई गैस महंगी हो रही है और अब ऑनलाइन खाना मंगाना भी लग्जरी होता जा रहा है। गोल्ड मेंबर्स जो सालाना सब्सक्रिप्शन लेते हैं, उन्हें भी इस बढ़ोतरी से नहीं बख्शा गया है। यह ‘सुविधा शुल्क’ धीरे-धीरे ग्राहकों की जेब पर भारी पड़ रहा है। क्या यह समय ‘पुराने दिनों’ की तरह रेस्टोरेंट जाकर खाना खाने या खुद घर पर पकाने की ओर लौटने का है?


