पटना | 20 मार्च 2026: मोकामा से विधायक और चर्चित बाहुबली नेता अनंत सिंह की रिहाई का रास्ता भले ही साफ हो गया हो, लेकिन एक तकनीकी कारण के चलते उन्हें अभी जेल में ही रहना पड़ रहा है। पटना हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बावजूद बेल बॉन्ड की प्रक्रिया पूरी नहीं होने से उनकी रिहाई टल गई है। अब उम्मीद जताई जा रही है कि वे सोमवार, 23 मार्च को बेऊर जेल से बाहर आ सकते हैं।
कोर्ट बंद होने से अटकी प्रक्रिया
जानकारी के मुताबिक, हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद शुक्रवार को बेल बॉन्ड भरने की तैयारी थी। लेकिन रमजान के आखिरी जुमे के कारण पटना सिविल कोर्ट में अवकाश घोषित होने से यह प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।
इसके बाद शनिवार और रविवार को भी अदालत बंद रहने के कारण अब सभी औपचारिकताएं सीधे सोमवार को ही पूरी हो पाएंगी। ऐसे में उनकी रिहाई भी उसी दिन संभव मानी जा रही है।
दुलारचंद यादव हत्याकांड में मिली जमानत
अनंत सिंह अक्टूबर 2025 में हुए चर्चित दुलारचंद यादव हत्याकांड में आरोपी हैं। यह घटना विधानसभा चुनाव के दौरान हुई थी, जिसमें जन सुराज पार्टी से जुड़े एक समर्थक की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में उनका नाम सामने आने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
निचली अदालतों से राहत नहीं मिलने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया, जहां से उन्हें अंततः जमानत मिल गई।
जेल में रहकर जीता चुनाव
दिलचस्प बात यह है कि गिरफ्तारी के बावजूद अनंत सिंह ने जेल में रहते हुए ही मोकामा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। यह उनके क्षेत्र में मजबूत जनाधार को दर्शाता है।
इतना ही नहीं, वे पहले भी विशेष अनुमति लेकर विधानसभा में शपथ लेने के लिए जेल से बाहर आए थे। उस दौरान उनका मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात करना भी काफी चर्चा में रहा था।
राजनीति से दूरी के संकेत
हाल ही में राज्यसभा चुनाव के दौरान मतदान के लिए जेल से बाहर आने पर अनंत सिंह ने संकेत दिया था कि वे सक्रिय राजनीति से दूरी बना सकते हैं। उन्होंने कहा था कि भविष्य में चुनाव लड़ने की बजाय उनके बड़े बेटे को राजनीतिक जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है।
हालांकि, उनके इस बयान के बावजूद क्षेत्रीय राजनीति में उनकी पकड़ को लेकर कोई संशय नहीं है।
समर्थकों में उत्साह, स्वागत की तैयारी
अनंत सिंह की संभावित रिहाई को लेकर उनके समर्थकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। मोकामा और आसपास के इलाकों में उनके स्वागत की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं।
सूत्रों के अनुसार, रिहाई के बाद उनके समर्थक भव्य स्वागत की योजना बना रहे हैं, जिससे एक बार फिर उनकी राजनीतिक मौजूदगी का प्रदर्शन हो सके।
निष्कर्ष
फिलहाल सबकी नजर सोमवार पर टिकी है। अगर बेल बॉन्ड की प्रक्रिया समय पर पूरी हो जाती है, तो अनंत सिंह लंबे समय बाद जेल से बाहर आकर फिर से सुर्खियों में होंगे। यह देखना भी दिलचस्प होगा कि रिहाई के बाद वे राजनीति में कितनी सक्रिय भूमिका निभाते हैं।


