HIGHLIGHTS: बेगूसराय में ‘जंगलराज’ वाली दबंगई; गोलियों के बीच बरसते पत्थरों ने उड़ाए होश
- दबंगई का तांडव: गढ़हारा थाना क्षेत्र के गढ़हारा गांव में भूमि विवाद को लेकर दबंगों ने एक परिवार पर झोंकी गोलियां।
- जवाबी हमला: बचाव में दूसरे पक्ष की ओर से भी हुई जमकर रोड़ेबाजी; ईंट-पत्थरों से रणक्षेत्र में तब्दील हुई सड़कें।
- लाइव वीडियो: घटना का रोंगटे खड़े कर देने वाला लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल; अपराधियों में कानून का डर खत्म।
- पुलिसिया एक्शन: सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची; दोषियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच और छापेमारी शुरू।
बेगूसराय | 20 मार्च, 2026
बिहार की औद्योगिक राजधानी बेगूसराय एक बार फिर गोलियों की तड़तड़ाहट और ईंट-पत्थरों की आवाज से दहल उठी है। गढ़हारा थाना क्षेत्र में दबंगों ने कानून-व्यवस्था को ठेंगे पर रखते हुए एक परिवार पर सरेआम फायरिंग कर दी। जमीन के एक टुकड़े के लिए मची इस खूनी जंग का वीडियो अब सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रहा है, जिससे जिले की पुलिस की साख पर बड़ा सवालिया निशान लग गया है।
जमीन का विवाद और ‘लाइव’ शूटआउट: जब थर्राया गढ़हारा
स्थानीय सूत्रों और वायरल वीडियो के अनुसार, यह विवाद काफी समय से चल रहे भूमि विवाद का नतीजा है:
- जबरन कब्जा: दबंगों ने जमीन पर कब्जा करने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी, जिससे इलाके में भगदड़ मच गई।
- पत्थर से दिया ‘जवाब’: पीड़ित पक्ष और ग्रामीणों ने भी पीछे हटने के बजाय आत्मरक्षा में पत्थरबाजी शुरू कर दी। वीडियो में साफ़ दिख रहा है कि कैसे गोलियों के बीच से पत्थर फेंके जा रहे हैं।
- वायरल दहशत: वीडियो में दबंग बेखौफ होकर हथियार लहराते और गोलियां दागते नजर आ रहे हैं, जो सीधे तौर पर शासन को चुनौती है।
प्रशासन की दौड़: “दोषी बख्शे नहीं जाएंगे”
वीडियो वायरल होने और घटना की सूचना मिलने के बाद गढ़हारा पुलिस एक्शन मोड में आई है:
- मामला दर्ज: पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान शुरू कर दी है और प्राथमिक जांच के बाद मामला दर्ज कर लिया है।
- छापेमारी: संदिग्ध ठिकानों पर पुलिस की दबिश जारी है ताकि फरार अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा जा सके।
VOB का नजरिया: क्या ‘वायरल वीडियो’ ही बनेंगे बेगूसराय में इंसाफ का जरिया?
बेगूसराय में अपराधियों का दुस्साहस अब ‘कैमरे’ के सामने आ गया है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ का मानना है कि गढ़हारा की यह घटना केवल एक भूमि विवाद नहीं, बल्कि पुलिस के इंटेलिजेंस का फेल्योर है। जब सरेराह गोलियां चल रही हों और पत्थर बरस रहे हों, तब पुलिस का ‘जांच में जुटी है’ वाला बयान जनता को डराता है।
बेगूसराय में जमीनी रंजिश अक्सर खूनी रूप ले लेती है। सवाल यह है कि इन दबंगों के पास अवैध हथियार कहाँ से आ रहे हैं? प्रशासन को चाहिए कि वायरल वीडियो को केवल ‘सबूत’ न माने, बल्कि इसे ‘नसीहत’ मानकर ऐसी सख्त कार्रवाई करे कि भविष्य में कोई दबंग ट्रिगर दबाने से पहले सौ बार सोचे।


