HIGHLIGHTS: राजधानी में कानून-व्यवस्था ‘वेंटिलेटर’ पर; सरेराह हत्या से दानापुर में भारी बवाल
- सनसनीखेज वारदात: दानापुर के तकियापर इलाके में बिट्टू उर्फ पलकिया की बेरहमी से हत्या; 20-25 हमलावरों ने मिलकर किया जानलेवा हमला।
- खून से सनी सड़क: पुलिस ने घटनास्थल से हत्या में इस्तेमाल ईंट और लोहे की रॉड बरामद की।
- आक्रोश का उबाल: परिजनों ने दानापुर गांधी मैदान मुख्य मार्ग पर टायर जलाकर की आगजनी; पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी।
- सपनों का कत्ल: मृतक बिट्टू अपनी बहन की शादी के लिए 3 दिन पहले ही दिल्ली से आया था; घर में गूंजने वाली थी शहनाई, अब उठ रही अर्थी।
दानापुर/पटना | 20 मार्च, 2026
बिहार की राजधानी पटना से सटे दानापुर में अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि उन्होंने एक युवक को भीड़ के बीच पीट-पीटकर मार डाला। तकियापर इलाके में हुई इस ‘मॉब लिंचिंग’ ने पुलिसिया गश्त और कानून के इकबाल पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। जिस घर में बहन की डोली उठने की तैयारी चल रही थी, वहां अब भाई का जनाजा उठने वाला है।
25 हमलावर और ‘रॉड-ईंट’ का खूनी खेल
प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार, बिट्टू पर हमला सुनियोजित था:
- घेराबंदी: करीब 20 से 25 युवकों ने बिट्टू को घेर लिया और उस पर ईंट व लोहे की रॉड से हमला शुरू कर दिया।
- अस्पताल में मौत: गंभीर हालत में उसे एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
- परिजनों का दर्द: बिट्टू की मां का रो-रोकर बुरा हाल है। नानी ने बताया कि वह बचपन से ननिहाल में ही रहता था और सबका लाड़ला था।
सड़क पर संग्राम: “जब तक गिरफ्तारी नहीं, तब तक जाम”
हत्या की खबर मिलते ही दानापुर गांधी मैदान रोड रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। ग्रामीणों और परिजनों ने सड़क जाम कर आगजनी की। उनकी मांग स्पष्ट थी—”बेटे के हत्यारों को तुरंत सलाखों के पीछे भेजो।” घंटों चले हंगामे के बाद पुलिस के समझाने-बुझाने पर जाम हटाया गया।
पुलिसिया कार्रवाई: “छापेमारी जारी है”
दानापुर थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार भारद्वाज ने बताया:
- FIR दर्ज: हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है।
- पहचान: कुछ संदिग्धों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें छापेमारी कर रही हैं।
VOB का नजरिया: क्या पटना में ‘भीड़तंत्र’ हावी हो रहा है?
राजधानी के नाक के नीचे 25 युवक मिलकर एक लड़के की जान ले लेते हैं और पुलिस को भनक तक नहीं लगती—यह स्थिति डरावनी है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ का मानना है कि बिट्टू की हत्या केवल एक आपसी रंजिश नहीं, बल्कि पुलिस के इंटेलिजेंस फेल्योर का नतीजा है।
दिल्ली से अपनी बहन की शादी में शामिल होने आए एक युवक का इस तरह अंत होना बेहद दुखद है। सवाल यह है कि क्या दानापुर पुलिस उन सभी 25 आरोपियों को पकड़ पाएगी? या मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले को ठंडा कर दिया जाएगा? राजधानी में बढ़ता ‘गैंग कल्चर’ और ‘भीड़तंत्र’ आम आदमी की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बन चुका है। अब दानापुर पुलिस को ‘कार्रवाई’ के दावों से आगे बढ़कर अपराधियों में ‘खौफ’ पैदा करना होगा।


