चैत्र नवरात्रि 2026: आज दूसरा दिन, मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से मिलेगा धैर्य और शक्ति

चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व इन दिनों पूरे देश में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। 9 दिनों तक चलने वाले इस उत्सव में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधिपूर्वक पूजा की जाती है। पंचांग के अनुसार, 20 मार्च 2026 को नवरात्रि का दूसरा दिन है, जो मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित है।

मान्यता है कि इन दिनों में व्रत, संयम और तप करने से मां दुर्गा शीघ्र प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों के जीवन से कष्ट दूर करती हैं।


मां ब्रह्मचारिणी का स्वरूप

मां ब्रह्मचारिणी देवी पार्वती का अविवाहित रूप हैं। वे तप, त्याग और साधना की प्रतीक मानी जाती हैं। देवी सफेद वस्त्र धारण करती हैं और अत्यंत शांत मुद्रा में रहती हैं। उनके दाहिने हाथ में जपमाला और बाएं हाथ में कमंडल होता है। गले में रुद्राक्ष की माला उनकी तपस्या का प्रतीक है।

उनकी पूजा करने से व्यक्ति में धैर्य, आत्मविश्वास और कठिन परिस्थितियों से लड़ने की शक्ति बढ़ती है।


पूजा के शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:50 से 05:38
  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:05 से 12:53
  • सायं संध्या: शाम 06:32 से 07:43
  • निशिता मुहूर्त: रात्रि 12:04 से 12:52 (21 मार्च)

पूजा विधि

  • प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें
  • स्वच्छ सफेद या पीले वस्त्र पहनें
  • पूजा स्थल को गंगाजल से शुद्ध करें
  • देवी को चंदन, अक्षत, सफेद पुष्प, पंचामृत और मिठाई अर्पित करें
  • घी का दीपक जलाकर मंत्र जाप करें
  • अंत में आरती कर क्षमा याचना करें

प्रिय रंग और फूल

मां ब्रह्मचारिणी को सफेद, हरा और पीला रंग प्रिय है। उनके पूजन में चमेली का फूल अर्पित करना शुभ माना जाता है।


मंत्र

ॐ देवी ब्रह्मचारिण्यै नमः॥


आरती

जय अम्बे ब्रह्मचारिणी माता। जय चतुरानन प्रिय सुख दाता॥
ब्रह्मा जी के मन भाती हो। ज्ञान सभी को सिखलाती हो॥
ब्रह्म मन्त्र है जाप तुम्हारा। जिसको जपे सरल संसारा॥
जय गायत्री वेद की माता। जो जन जिस दिन तुम्हें ध्याता॥
कमी कोई रहने ना पाये। कोई भी दुःख सहने न पाये॥
उसकी विरति रहे ठिकाने। जो तेरी महिमा को जाने॥
रुद्राक्ष की माला ले कर। जपे जो मन्त्र श्रद्धा दे कर॥
आलस छोड़ करे गुणगाना। माँ तुम उसको सुख पहुँचाना॥
ब्रह्मचारिणी तेरो नाम। पूर्ण करो सब मेरे काम॥
भक्त तेरे चरणों का पुजारी। रखना लाज मेरी महतारी॥


इस प्रकार, नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की विधिपूर्वक पूजा करने से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, संयम और सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है।

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