HIGHLIGHTS: सुपरपावर की ‘अजेय’ ताकत पर चोट; युद्ध के मैदान से आई सबसे बड़ी खबर
- आसमान में प्रहार: अमेरिका के सबसे एडवांस 5वीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान F-35 को कॉम्बैट मिशन के दौरान भारी नुकसान पहुँचा।
- ईरान की हुंकार: IRGC (इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) का दावा— “हमने गुरुवार दोपहर 2:30 बजे मध्य ईरान के ऊपर अमेरिकी विमान को निशाना बनाया।”
- इमरजेंसी लैंडिंग: अमेरिकी मध्य कमान (CENTCOM) ने पुष्टि की कि विमान को नुकसान हुआ है और उसे पश्चिम एशिया के एक बेस पर आपात स्थिति में उतरना पड़ा।
- खतरे में साख: $100 मिलियन (करीब ₹850 करोड़) से ज्यादा की कीमत वाले इस ‘स्टेल्थ’ विमान पर युद्ध शुरू होने के बाद यह पहला सफल हमला बताया जा रहा है।
वॉशिंगटन/तेहरान | 20 मार्च, 2026
मिडिल ईस्ट में जारी महायुद्ध अब उस मोड़ पर पहुँच गया है जहाँ ‘अजेय’ माने जाने वाले हथियार भी बारूद का शिकार हो रहे हैं। गुरुवार की दोपहर ढाई बजे ईरान के आसमान में जो हुआ, उसने दुनिया भर के सैन्य विशेषज्ञों के माथे पर पसीना ला दिया है। अमेरिका का गौरव कहा जाने वाला F-35 स्टेल्थ फाइटर जेट, जो रडार की नजरों से बच निकलने में माहिर है, उसे ईरान ने अपनी वायु रक्षा प्रणाली (Air Defense System) से ‘छलनी’ करने का दावा किया है।
IRGC का ‘वीडियो’ वार: “125 ड्रोन गिराने के बाद अब F-35 की बारी”
ईरान की आईआरजीसी ने एक बयान और वीडियो जारी कर इस ऑपरेशन की जानकारी दी है:
- विशेष सुधार: ईरान का कहना है कि उनकी वायु रक्षा प्रणाली में हुए ‘अहम और विशेष सुधारों’ की वजह से वे इस स्टेल्थ विमान को ट्रैक और हिट करने में कामयाब रहे।
- बड़ा स्कोर: ईरान के मुताबिक, यह हमला उस समय किया गया जब वे पहले ही 125 से अधिक अमेरिकी-इजरायली ड्रोनों को मार गिराने का दावा कर रहे थे।
अमेरिका का कबूलनामा: “विमान को नुकसान पहुँचा, जांच जारी”
पेंटागन और सेंटकॉम के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिंस ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया:
- मिशन पर था जेट: F-35 ईरान के ऊपर एक जटिल मिशन पर था जब उसे ‘नुकसान’ पहुँचा।
- पायलट सुरक्षित: अच्छी खबर यह है कि विमान सुरक्षित रूप से एयरबेस पर उतर गया है और पायलट की हालत स्थिर है।
- जांच का विषय: अमेरिका अब इस बात की गहन जांच कर रहा है कि आखिर दुनिया के सबसे सुरक्षित रडार-इवेडिंग जेट को निशाना कैसे बनाया गया।
VOB का नजरिया: क्या ‘अजेय’ F-35 का मिथक टूट गया?
F-35 केवल एक जहाज नहीं, बल्कि अमेरिकी सैन्य ताकत का सबसे बड़ा विज्ञापन है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ का मानना है कि ईरान का यह हमला युद्ध की दिशा बदल सकता है। अगर ईरान ने वास्तव में F-35 के ‘स्टेल्थ’ (रडार से बचने की तकनीक) को डिकोड कर लिया है, तो यह इजरायल और अमेरिका दोनों के लिए ‘रेड अलर्ट’ है।
अब तक यह माना जाता था कि मध्य पूर्व में कोई भी ऐसा एयर डिफेंस नहीं है जो F-35 को पकड़ सके। लेकिन इस घटना ने बता दिया है कि युद्ध अब ‘इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर’ और ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। अगर $100 मिलियन का विमान एक मिसाइल से संकट में आ सकता है, तो आने वाले दिनों में आसमान की लड़ाई और भी खौफनाक होने वाली है। क्या यह अमेरिका के लिए ईरान पर बड़े जवाबी हमले का बहाना बनेगा? पूरी दुनिया की सांसें थमी हुई हैं।


