नई दिल्ली/लखनऊ: देशभर में ईद-उल-फितर को लेकर चल रही उत्सुकता के बीच अब तस्वीर साफ हो गई है। भारत में इस साल ईद का त्योहार 21 मार्च को मनाया जाएगा। गुरुवार को शव्वाल का चांद नजर नहीं आने के बाद धार्मिक विद्वानों और चांद कमेटियों ने यह आधिकारिक ऐलान किया।
चांद न दिखने पर हुआ ऐलान
लखनऊ ईदगाह के इमाम मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने जानकारी देते हुए बताया कि 19 मार्च की शाम देश के किसी भी हिस्से से चांद दिखने की पुष्टि नहीं हुई।
इसी आधार पर निर्णय लिया गया कि 20 मार्च को रमजान का 30वां रोजा रखा जाएगा और उसके अगले दिन यानी 21 मार्च को ईद मनाई जाएगी।
दिल्ली से भी हुई पुष्टि
दिल्ली की जामा मस्जिद के शाही इमाम ने भी चांद न दिखने की पुष्टि करते हुए कहा कि ईद शनिवार को ही मनाई जाएगी। इस घोषणा के बाद पूरे देश में तैयारियां तेज हो गई हैं।
क्या है ईद-उल-फितर का महत्व
ईद-उल-फितर रमजान के पवित्र महीने के समापन का त्योहार है, जिसे मुस्लिम समुदाय बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाता है।
- इस दिन लोग विशेष नमाज अदा करते हैं
- जरूरतमंदों को जकात और फितरा दिया जाता है
- आपसी भाईचारे और मेल-जोल का संदेश दिया जाता है
यह त्योहार इस्लामी कैलेंडर के दसवें महीने शव्वाल की पहली तारीख को मनाया जाता है।
सऊदी अरब में एक दिन पहले ईद
मध्य-पूर्व के देशों, खासकर सऊदी अरब में चांद देखने के आधार पर ईद अक्सर भारत से एक दिन पहले मनाई जाती है। इस साल भी सऊदी अरब में 20 मार्च को ईद मनाए जाने की संभावना जताई गई है।
बाजारों में बढ़ी रौनक
ईद के ऐलान के बाद बाजारों में रौनक बढ़ गई है। कपड़े, सेवइयां, मिठाइयों और अन्य जरूरी सामानों की खरीदारी के लिए लोग बड़ी संख्या में बाजार पहुंच रहे हैं।
मस्जिदों और घरों में भी तैयारियां जोरों पर हैं।
प्रशासन की तैयारी
ईद को देखते हुए प्रशासन भी अलर्ट मोड में है।
- मस्जिदों के आसपास सुरक्षा के इंतजाम
- ट्रैफिक व्यवस्था
- साफ-सफाई और बिजली-पानी की व्यवस्था
पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि त्योहार शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हो।
निष्कर्ष:
चांद का दीदार न होने के बाद अब यह तय हो गया है कि भारत में ईद 21 मार्च को मनाई जाएगी। देशभर में इस पावन पर्व को लेकर उत्साह चरम पर है और लोग खुशी, भाईचारे और अमन के साथ इसे मनाने की तैयारी में जुटे हैं।


