दरभंगा: बिहार के दरभंगा जिले के सिंहवाड़ा थाना क्षेत्र के भरवाड़ा गांव से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। गुरुवार सुबह गांव के एक तालाब में पति-पत्नी के शव तैरते मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। घटना के बाद गांव में शोक और दहशत का माहौल है, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
ग्रामीणों की नजर पड़ते ही मची अफरा-तफरी
सुबह-सुबह जब कुछ ग्रामीण तालाब के पास पहुंचे, तो पानी में दो शव तैरते हुए दिखाई दिए। देखते ही देखते यह खबर पूरे गांव में फैल गई और मौके पर भारी भीड़ जुट गई। बाद में मृतकों की पहचान 52 वर्षीय सनाउल्लाह और उनकी 48 वर्षीय पत्नी इशरत प्रवीण के रूप में हुई।
पुलिस और गोताखोरों ने निकाले शव
घटना की सूचना मिलते ही सिंहवाड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय गोताखोरों की मदद से दोनों शवों को तालाब से बाहर निकाला गया। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और घटनास्थल की जांच शुरू कर दी है।
हादसा या आत्महत्या? जांच में जुटी पुलिस
प्रारंभिक जांच में पुलिस कई पहलुओं पर जांच कर रही है। एक आशंका यह भी जताई जा रही है कि दंपत्ति में से कोई एक तालाब में गिर गया होगा और उसे बचाने के प्रयास में दूसरे की भी जान चली गई। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
पहले भी की थी आत्महत्या की कोशिश
परिजनों के अनुसार, मृतका इशरत प्रवीण पिछले कुछ समय से मानसिक तनाव से गुजर रही थीं। करीब एक सप्ताह पहले भी उन्होंने इसी तालाब में कूदकर जान देने की कोशिश की थी, लेकिन उस समय ग्रामीणों और पुलिस की तत्परता से उनकी जान बचा ली गई थी।
डायल 112 टीम ने बचाया था जीवन
बताया जा रहा है कि पिछली घटना में डायल 112 की टीम ने समय पर पहुंचकर महिला को सुरक्षित बाहर निकाला था। इसके बावजूद उनकी मानसिक स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया। परिवार लगातार उन्हें संभालने की कोशिश कर रहा था।
गांव में पसरा मातम
इस दुखद घटना के बाद पूरे भरवाड़ा गांव में शोक की लहर है। लोग स्तब्ध हैं और घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पुलिस का बयान
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है। परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष:
दरभंगा की यह घटना कई सवाल खड़े करती है—क्या यह महज एक हादसा है या इसके पीछे कोई और कारण छिपा है। फिलहाल, सच्चाई सामने लाने की जिम्मेदारी जांच एजेंसियों पर है, ताकि मृतकों को न्याय मिल सके और परिवार को सच्चाई का पता चल सके।


