वैशाली: बिहार के वैशाली जिले से एक बेहद सनसनीखेज और रिश्तों को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। दाउदनगर गांव में 30 वर्षीय विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका के परिजनों ने देवर पर गंभीर आरोप लगाते हुए इसे हत्या बताया है और कहा है कि अपराध को छुपाने के लिए इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई।
अवैध संबंध के दबाव का आरोप
मृतका की पहचान मनिता कुमारी के रूप में हुई है, जो विजय साह की पत्नी थी। परिजनों का आरोप है कि आरोपी देवर संजय साह लंबे समय से मनिता पर अवैध संबंध बनाने का दबाव बना रहा था। जब उसने इसका विरोध किया, तो उसे लगातार प्रताड़ित किया गया।
विरोध करने पर हत्या की आशंका
परिजनों के मुताबिक, घटना वाले दिन भी आरोपी ने मनिता के साथ मारपीट की। आरोप है कि इसी दौरान उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद साक्ष्य मिटाने के लिए शव को पंखे से लटका दिया गया, ताकि मामला आत्महत्या का लगे।
भाई को फोन कर बताई थी आपबीती
मृतका के भाई विवेक सोनार ने बताया कि घटना के दिन सुबह मनिता ने उन्हें फोन कर अपनी जान को खतरा बताया था। उसने बताया था कि देवर उसे बुरी तरह पीट रहा है। भाई जब तक वहां पहुंचते, उससे पहले ही उसकी मौत की खबर मिल गई। मौके पर पहुंचने पर शव फंदे से लटका मिला, जिससे परिजनों का शक और गहरा गया।
पहले भी की थी शिकायत
परिजनों का कहना है कि मनिता ने पहले भी इस उत्पीड़न के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। लेकिन समय पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। परिवार का आरोप है कि अगर पुलिस पहले सख्ती दिखाती, तो यह घटना टल सकती थी।
पुलिस की जांच जारी
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना अध्यक्ष ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और लिखित शिकायत मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आरोपी की तलाश में छापेमारी
पुलिस ने आशंका जताई है कि आरोपी फरार हो सकता है, ऐसे में उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इलाके में आक्रोश
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने इसे बेहद शर्मनाक बताते हुए आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर सख्त सजा देने की मांग की है।
निष्कर्ष:
वैशाली की यह घटना न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि घरेलू हिंसा और उत्पीड़न के मामलों में समय पर कार्रवाई कितनी जरूरी है। अब सबकी नजर पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी है, ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके।


