सीवान: बिहार के सीवान जिले में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पुलिस महकमे में व्यापक स्तर पर प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक पूरन कुमार झा ने कई थानों में नए थानाध्यक्षों की नियुक्ति करते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से कार्यभार संभालने का निर्देश दिया है।
खाली पदों को भरने और व्यवस्था सुधारने पर फोकस
एसपी द्वारा जारी आदेश के मुताबिक, जिन थानों में पद रिक्त थे या जहां विभागीय कार्रवाई के कारण बदलाव जरूरी था, वहां नए पदाधिकारियों की तैनाती की गई है। इस कदम को जिले में पुलिसिंग व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
बसंतपुर और जीबी नगर को मिले नए प्रभारी
इस फेरबदल के तहत पुलिस निरीक्षक राजू कुमार को पुलिस केंद्र से स्थानांतरित कर बसंतपुर थाने का नया प्रभारी बनाया गया है। यह पद काफी समय से खाली था।
वहीं, राजेश कुमार सिंह को त्वरित विचारण शाखा से हटाकर जीबी नगर थाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जहां पूर्व थानाध्यक्ष के अवकाश पर रहने के कारण पद रिक्त था।
सराय और नौतन थानों में भी बदलाव
सराय थाने की कमान अब पुलिस अवर निरीक्षक विकास कुमार बिट्टू को दी गई है, जो पहले इसी थाने में अपर थानाध्यक्ष के रूप में कार्यरत थे।
दूसरी ओर, महाराजगंज में तैनात अपर थानाध्यक्ष जीतमोहन कुमार को नौतन थाने का नया थानाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यहां पूर्व प्रभारी के निलंबन के बाद पद खाली हो गया था।
जामो बाजार और दारौंदा में नई तैनाती
जामो बाजार थाने की जिम्मेदारी अब धीरज कुमार को सौंपी गई है, जो इससे पहले नौतन में अपर थानाध्यक्ष थे।
वहीं, जामो बाजार के पूर्व थानाध्यक्ष मोहन कुमार निराला को दारौंदा थाने में अपर थानाध्यक्ष के पद पर स्थानांतरित किया गया है।
विभागीय कार्रवाई के बाद हुआ फेरबदल
इस प्रशासनिक बदलाव की खास बात यह है कि कई नियुक्तियां विभागीय जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई के बाद की गई हैं। पुलिस अधीक्षक ने साफ किया है कि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए यह कदम जरूरी था।
अपराध नियंत्रण पर रहेगा विशेष ध्यान
एसपी ने सभी नव-नियुक्त थानाध्यक्षों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय पुलिसिंग सुनिश्चित करें और अपराध पर सख्ती से नियंत्रण रखें। साथ ही, आम जनता की शिकायतों के त्वरित निपटारे पर भी विशेष जोर देने को कहा गया है।
निष्कर्ष:
सीवान में यह प्रशासनिक फेरबदल केवल पदस्थापन का बदलाव नहीं, बल्कि पुलिस व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने की एक बड़ी पहल है। आने वाले दिनों में इसका असर जिले की कानून-व्यवस्था पर साफ तौर पर देखने को मिल सकता है।


