HIGHLIGHTS: 12 स्ट्रैंड रोड पर ‘दावत-ए-इफ्तार’; दुआओं में मांगा भाईचारा
- खास मेहमान: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के आवास पर आयोजित इफ्तार पार्टी में की शिरकत।
- मेजबान: केंद्रीय MSME मंत्री जीतन राम मांझी और ‘हम’ पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन ने किया भव्य स्वागत।
- अमन की दुआ: इफ्तार के बाद रोजेदारों ने राज्य और देश की शांति, उन्नति और आपसी सौहार्द के लिए नमाज अदा की।
- NDA का जुटान: इफ्तार के मंच पर सत्ता पक्ष के कई कद्दावर नेताओं और जनप्रतिनिधियों की दिखी मौजूदगी।
पटना | 19 मार्च, 2026
राजधानी पटना का 12, स्ट्रैंड रोड आज शाम रूहानी और सियासी रंग में रंगा नजर आया। मौका था केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री जीतन राम मांझी और बिहार के मंत्री संतोष कुमार सुमन द्वारा आयोजित ‘दावत-ए-इफ्तार’ का। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस आयोजन में शामिल होकर सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश दिया।
गुलदस्ते से स्वागत और दुआओं का दौर
जैसे ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मांझी के आवास पर पहुंचे, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने उन्हें गुलदस्ता भेंट कर गर्मजोशी से अभिनंदन किया।
- सामूहिक इफ्तार: मुख्यमंत्री ने अन्य रोजेदारों और गणमान्य व्यक्तियों के साथ इफ्तार किया।
- नमाज और शांति: इफ्तार के तुरंत बाद मगरीब की नमाज अदा की गई, जिसमें मुख्यमंत्री सहित सभी उपस्थित लोगों ने बिहार और देश में अमन-चैन की सामूहिक दुआ मांगी
‘इफ्तार’ फाइल रिकॉर्ड: कौन-कौन हुए शामिल?
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प्रमुख अतिथि / नेता |
पद / दल |
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श्री नीतीश कुमार |
मुख्यमंत्री, बिहार |
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श्री जीतन राम मांझी |
केंद्रीय MSME मंत्री |
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श्री संतोष कुमार सुमन |
मंत्री (लघु जल संसाधन), बिहार |
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श्री विजय कुमार चौधरी |
जल संसाधन एवं संसदीय कार्य मंत्री |
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श्री उमेश कुशवाहा |
प्रदेश अध्यक्ष, जदयू |
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श्री श्याम रजक |
पूर्व मंत्री |
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श्री ललन सर्राफ |
विधान पार्षद |
VOB का नजरिया: आस्था के बहाने ‘एकता’ का संदेश
बिहार की राजनीति में इफ्तार पार्टियों का महत्व केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक सेतु बनाने का भी रहा है। ‘हम’ पार्टी द्वारा आयोजित इस दावत में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी एनडीए गठबंधन की मजबूती और ‘सबका साथ-सबका विकास’ के नारे को जमीन पर उतारने की एक कोशिश मानी जा सकती है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ का मानना है कि ऐसे आयोजन समाज में फैली कड़वाहट को कम करने और आपसी भाईचारे को बढ़ाने में मददगार साबित होते हैं, खासकर जब दुआओं के केंद्र में ‘प्रदेश की प्रगति’ हो।


