HIGHLIGHTS: सालेपुर के पास थमी जिंदगी की रफ्तार; कॉलेज कैंपस में शोक
- बड़ा हादसा: चंडी थाना क्षेत्र के सालेपुर गांव के पास अनियंत्रित होकर गड्ढे में गिरी कार।
- हताहत: हादसे में 3 इंजीनियरिंग छात्रों की मौत, 2 अन्य छात्र जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे हैं।
- छात्रों की पहचान: सभी छात्र चंडी इंजीनियरिंग कॉलेज के बताए जा रहे हैं, जो घूमने के लिए निकले थे।
- रेस्क्यू: घायलों को इलाज के लिए स्थानीय मॉडल अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
📊 एक्सीडेंट ‘फाइल’ रिकॉर्ड: सालेपुर गांव (नालंदा)
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विषय |
विवरण |
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घटनास्थल |
सालेपुर गांव, चंडी थाना क्षेत्र, नालंदा |
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वक्त |
गुरुवार दोपहर (19 मार्च, 2026) |
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संस्थान |
चंडी इंजीनियरिंग कॉलेज |
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हादसे का कारण |
कार का अनियंत्रित होकर खाई में गिरना |
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कुल हताहत |
3 मृत, 2 गंभीर रूप से घायल |
नालंदा (शिव कुमार) | 19 मार्च, 2026
नालंदा जिले में आज एक खौफनाक सड़क हादसे ने तीन परिवारों के चिराग बुझा दिए। इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर देश का भविष्य संवारने का सपना देखने वाले तीन होनहारों का सफर आज सालेपुर गांव के पास एक गहरी खाई में हमेशा के लिए थम गया। चंडी इंजीनियरिंग कॉलेज के ये छात्र गुरुवार की दोपहर कार में सवार होकर घूमने निकले थे, लेकिन उन्हें क्या पता था कि यह उनकी आखिरी सैर साबित होगी।
मौत का वो भयावह मंजर
चंडी थाना क्षेत्र के सालेपुर गांव के पास अचानक कार की रफ्तार बेकाबू हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार इतनी तेज थी कि ड्राइवर उस पर नियंत्रण नहीं रख सका और वह सीधे सड़क किनारे गड्ढे में जा गिरी।
- ऑन द स्पॉट मौत: हादसे की तीव्रता इतनी अधिक थी कि दो छात्रों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
- इलाज के दौरान मौत: तीन छात्रों को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहाँ इलाज के दौरान एक और छात्र की मौत हो गई।
- घायलों की स्थिति: अन्य दो छात्रों का इलाज मॉडल अस्पताल में चल रहा है, जहाँ उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।
VOB का नजरिया: क्या ‘रफ्तार’ बन गई है युवाओं की दुश्मन?
नालंदा का यह हादसा एक चेतावनी है। चंडी इंजीनियरिंग कॉलेज के इन छात्रों की मौत ने पूरे शिक्षा जगत और जिले को झकझोर कर रख दिया है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ का मानना है कि सालेपुर जैसे संवेदनशील मोड़ों पर गति सीमा के बोर्ड और सुरक्षा घेरे का होना अनिवार्य है। तेज रफ्तार और अनियंत्रित ड्राइविंग ने एक बार फिर हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ दिया है। क्या हम केवल शोक मनाकर रुक जाएंगे या सड़कों को सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन से जवाब मांगेंगे? कॉलेज प्रशासन को भी छात्रों के बीच रोड सेफ्टी को लेकर जागरूकता बढ़ानी होगी।


