TMBU में ‘खौफ’ की क्लास! छत से गिर रहा प्लास्टर, सिर पर लटकी मौत; कुलपति-कुलसचिव के खिलाफ छात्रों का ‘महा-संग्राम’

HIGHLIGHTS: पीजी अम्बेडकर विचार विभाग में ‘सरिया’ देख सहमे छात्र

  • जान जोखिम में: तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) के अम्बेडकर विचार एवं समाज कार्य विभाग की छत और दीवारें अत्यंत जर्जर; कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा।
  • छात्रों का आक्रोश: छात्र राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने कुलपति और कुलसचिव का घेराव कर जताया कड़ा विरोध; प्रशासन को बताया ‘मूकदर्शक’।
  • अल्टीमेटम: “मरम्मत नहीं तो उग्र आंदोलन”; छात्र नेता सत्यम मिश्रा और ह्रषिकेश प्रकाश ने दी चेतावनी।
  • खाली हो रही क्लास: हादसे के डर से कई छात्र-छात्राओं ने कक्षा में आना किया बंद; भविष्य पर संकट।

भागलपुर | 19 मार्च, 2026

​स्मार्ट सिटी भागलपुर के प्रतिष्ठित तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जो सुशासन के दावों पर सवालिया निशान खड़ी करती है। यहाँ के पीजी अम्बेडकर विचार एवं समाज कार्य विभाग में छात्र ‘अम्बेडकर के विचारों’ को पढ़ने नहीं, बल्कि अपनी जान बचाने की जद्दोजहद में क्लास कर रहे हैं। छत का प्लास्टर गिरना और दीवारों का फटना यहाँ की कड़वी हकीकत बन चुका है।

“हादसा हुआ तो जिम्मेदार होंगे कुलपति” — सत्यम मिश्रा

​आज छात्र राष्ट्रीय लोक मोर्चा के जिला अध्यक्ष सत्यम मिश्रा के नेतृत्व में दर्जनों छात्रों ने विश्वविद्यालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया:

  1. अनदेखी का आरोप: छात्रों का कहना है कि वे पहले भी कई बार कुलपति और कुलसचिव को लिखित आवेदन दे चुके हैं, लेकिन अधिकारियों ने दफ्तर से बाहर निकलकर विभाग की सुध लेना भी मुनासिब नहीं समझा।
  2. डर के साये में पढ़ाई: कई छात्र अब डर के मारे कॉलेज नहीं आ रहे हैं। जो आ रहे हैं, वे पूरी क्लास के दौरान ऊपर छत की ओर देखते रहते हैं कि कहीं कोई टुकड़ा उनके सिर पर न गिर जाए।
  3. चेतावनी: छात्र नेता गिरीश झा, शुभम, रमन और अन्य ने साफ लहजे में कहा कि यदि जल्द ही वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हुई, तो वे विश्वविद्यालय का कामकाज ठप कर देंगे।

VOB का नजरिया: क्या किसी ‘बड़े हादसे’ का इंतजार कर रहा है प्रशासन?

​यह बेहद विडंबनापूर्ण है कि जिस विभाग का नाम ‘समाज कार्य’ है, वहां के छात्रों के साथ ही समाज और प्रशासन ‘अन्याय’ कर रहा है। जर्जर भवन की तस्वीरें खुद गवाही दे रही हैं कि स्थिति कितनी भयावह है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ का मानना है कि TMBU प्रशासन की यह चुप्पी खतरनाक है। शिक्षा के मंदिर में छात्रों को सुरक्षा की गारंटी देना विश्वविद्यालय की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए, न कि केवल फाइलों में बजट पास करना। क्या कुलपति महोदय तभी जागेंगे जब कोई छात्र घायल होगा? वक्त है कि ‘प्रोटोकॉल’ छोड़कर ‘प्रैक्टिकल’ समाधान निकाला जाए।

 

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