पटना: बिहार में हालिया घटनाओं के बाद पुलिस मुख्यालय ने सख्त कदम उठाए हैं। राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अब किसी भी छापेमारी (रेड) से पहले तय मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) का पालन अनिवार्य होगा। नियमों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
रेड से पहले सूचना देना अनिवार्य
नई व्यवस्था के तहत अब किसी भी ऑपरेशन से पहले संबंधित क्षेत्र के सर्किल इंस्पेक्टर (CI) और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) को सूचना देना जरूरी होगा। इससे ऑपरेशन के दौरान बेहतर समन्वय और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त बल की तुरंत उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी।
पुलिस पर हमलों के बाद लिया गया फैसला
हाल के दिनों में पुलिस टीमों पर हमले और अपराधियों की बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। विशेष रूप से पूर्वी चंपारण में हुई मुठभेड़, जिसमें एक जवान शहीद हो गया, ने पुलिस प्रशासन को सतर्क कर दिया है।
उच्चस्तरीय बैठक में समीक्षा
गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय की उच्चस्तरीय बैठक में राज्यभर की कानून-व्यवस्था की समीक्षा की गई। इसमें कई गंभीर मामलों—जैसे पुलिस टीम पर हमले, अवैध खनन रोकने के दौरान हिंसा और फायरिंग की घटनाओं—पर चर्चा की गई।
त्योहारों को लेकर भी अलर्ट
ईद और नवरात्र जैसे बड़े त्योहारों को देखते हुए सभी जिलों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस बल को संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त चौकसी रखने को कहा गया है।
SOP का सख्ती से पालन जरूरी
DGP ने स्पष्ट किया कि किसी भी ऑपरेशन में जल्दबाजी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हर रेड, गिरफ्तारी और मुठभेड़ के दौरान तय प्रक्रिया का पालन अनिवार्य होगा, ताकि पुलिसकर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई
पुलिस मुख्यालय ने यह भी साफ कर दिया है कि यदि किसी अधिकारी की लापरवाही सामने आती है, तो उसके खिलाफ निलंबन समेत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभाग अब जवाबदेही तय करने के मूड में है।
पुराने मामलों की भी समीक्षा
कुछ लंबित और संवेदनशील मामलों की जांच में देरी पर भी नाराजगी जताई गई है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि ऐसे मामलों की जांच तेज कर जल्द कार्रवाई सुनिश्चित करें।
सुरक्षा और समन्वय पर फोकस
नई गाइडलाइन का मुख्य उद्देश्य पुलिस ऑपरेशन को सुरक्षित, संगठित और प्रभावी बनाना है। इससे न सिर्फ अपराधियों पर नियंत्रण मजबूत होगा, बल्कि पुलिसकर्मियों की सुरक्षा भी बेहतर होगी।
एक्शन मोड में पुलिस प्रशासन
कुल मिलाकर बिहार पुलिस अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है। सख्त निर्देशों और निगरानी के जरिए कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश की जा रही है, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।


