बिहार में शिक्षा का बड़ा बदलाव: अब सरकारी स्कूलों में भी कंप्यूटर पढ़ेंगे बच्चे, कक्षा 6-8 के लिए नया सिलेबस लागू

पटना: बिहार सरकार ने सरकारी स्कूलों के छात्रों को डिजिटल शिक्षा से जोड़ने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों में कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों के लिए कंप्यूटर शिक्षा को अनिवार्य किया जा रहा है। नए शैक्षणिक सत्र से यह व्यवस्था लागू होगी, जिससे गांवों के बच्चे भी तकनीक की दुनिया से जुड़ सकेंगे।

डिजिटल शिक्षा की ओर बड़ा कदम
शिक्षा विभाग के इस फैसले का उद्देश्य सरकारी और निजी स्कूलों के बीच डिजिटल शिक्षा के अंतर को कम करना है। अब तक सरकारी स्कूलों के छात्र कंप्यूटर ज्ञान में पीछे रह जाते थे, लेकिन इस पहल से उन्हें भी समान अवसर मिलेगा।

SCERT ने तैयार किया नया सिलेबस
राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) ने इस विषय के लिए नया पाठ्यक्रम तैयार कर लिया है। किताबों की आपूर्ति की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है, ताकि सत्र शुरू होते ही पढ़ाई में कोई बाधा न आए।

थ्योरी नहीं, प्रैक्टिकल पर रहेगा फोकस
नए सिलेबस की खासियत यह है कि इसमें केवल सैद्धांतिक जानकारी ही नहीं, बल्कि प्रैक्टिकल लर्निंग पर भी जोर दिया गया है। बच्चों को कंप्यूटर के बेसिक पार्ट्स—जैसे माउस, कीबोर्ड और मॉनिटर की जानकारी के साथ-साथ उसे चलाने की ट्रेनिंग भी दी जाएगी।

नई तकनीकों से भी कराया जाएगा परिचय
छात्रों को ऑपरेटिंग सिस्टम, यूजर इंटरफेस, मल्टीटास्किंग और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसी आधुनिक तकनीकों से भी परिचित कराया जाएगा। इससे वे शुरुआती स्तर पर ही डिजिटल स्किल्स विकसित कर सकेंगे।

साइबर सुरक्षा पर विशेष जोर
आज के डिजिटल दौर को देखते हुए सिलेबस में साइबर सुरक्षा को भी शामिल किया गया है। बच्चों को इंटरनेट का सुरक्षित उपयोग, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव और डिजिटल जिम्मेदारी के बारे में सिखाया जाएगा।

शिक्षकों को भी दिए गए निर्देश
शिक्षा विभाग ने शिक्षकों को निर्देश दिया है कि वे बच्चों को आसान और रुचिकर तरीके से पढ़ाएं। केवल रटने के बजाय समझ आधारित और गतिविधि आधारित शिक्षण पद्धति अपनाने पर जोर दिया गया है, ताकि बच्चे विषय को बेहतर तरीके से समझ सकें।

ग्रामीण छात्रों को मिलेगा बड़ा फायदा
इस पहल से खासकर ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को लाभ मिलेगा, जहां अब तक डिजिटल संसाधनों की कमी थी। अब गांव के बच्चे भी तकनीक में दक्ष होकर भविष्य की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो सकेंगे।

भविष्य के लिए मजबूत आधार
विशेषज्ञों का मानना है कि शुरुआती स्तर पर कंप्यूटर शिक्षा मिलने से छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे आगे चलकर आईटी और तकनीकी क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे।

कुल मिलाकर, बिहार सरकार का यह फैसला शिक्षा व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव लाने वाला माना जा रहा है, जो राज्य के लाखों छात्रों को डिजिटल युग के अनुरूप तैयार करने में अहम भूमिका निभाएगा।

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