HIGHLIGHTS: मझौलिया में खूनी संघर्ष, लाठी-डंडों से ‘लाइव’ मारपीट
- वारदात: पश्चिम चंपारण के पिपरा दुबे गांव में भूमि विवाद ने लिया हिंसक रूप; जमकर चले लोहे के रॉड और लाठियां।
- घायल: संघर्ष में आधा दर्जन लोग लहूलुहान; बेतिया GMCH में कराया गया भर्ती।
- एक्शन: वायरल वीडियो बना पुलिस का सबसे बड़ा सबूत; थाना प्रभारी अमर कुमार ने 2 मुख्य आरोपियों को किया गिरफ्तार।
- तनाव: इलाके में पुलिस बल की तैनाती; अन्य उपद्रवियों की पहचान के लिए खंगाला जा रहा है सोशल मीडिया वीडियो।
📊 वारदात का ‘फाइल’ रिकॉर्ड: पिपरा दुबे ग्राउंड रिपोर्ट
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विवरण |
जानकारी |
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घटनास्थल |
पिपरा दुबे (बरवा सेमरा घाट पंचायत), मझौलिया, पश्चिम चंपारण। |
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वक्त |
बुधवार (18 मार्च, 2026) |
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हथियार |
लाठी, डंडे और लोहे के रॉड। |
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पुलिस कार्रवाई |
प्राथमिकी (FIR) दर्ज, 2 गिरफ्तार, बाकी की तलाश जारी। |
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अस्पताल |
गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (GMCH), बेतिया। |
बेतिया | 19 मार्च, 2026
बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के मझौलिया में जमीन के एक टुकड़े के लिए दो पक्ष इस कदर भिड़े कि गांव ‘जंग का मैदान’ बन गया। पिपरा दुबे गांव में लंबे समय से सुलग रही विवाद की आग बुधवार को अचानक भड़क उठी। देखते ही देखते दोनों तरफ से लोग लाठी-डंडे लेकर निकल आए और एक-दूसरे पर खूनी हमला कर दिया।
वायरल वीडियो ने मचाया हड़कंप
इस पूरी मारपीट का एक वीडियो सोशल मीडिया पर ‘लाइव’ की तरह वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे बेखौफ होकर लोग एक-दूसरे के सिर पर रॉड से वार कर रहे हैं।
- पुलिस की त्वरित कार्रवाई: वीडियो सामने आते ही मझौलिया पुलिस हरकत में आई। थाना प्रभारी अमर कुमार ने पुलिस बल के साथ गांव में धावा बोला और स्थिति को काबू में किया।
- पहचान और गिरफ्तारी: पुलिस ने अब तक दो लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अन्य आरोपियों की पहचान के लिए वायरल वीडियो के हर फ्रेम की बारीकी से जांच की जा रही है।
VOB का नजरिया: क्या ‘जमीन’ ही बन गई है जान की दुश्मन?
बिहार में जमीन विवादों का खूनी संघर्ष में बदलना कोई नई बात नहीं है, लेकिन पिपरा दुबे की इस घटना ने प्रशासन की मुस्तैदी पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ का मानना है कि यदि अंचल स्तर पर इन विवादों का समय पर निपटारा हो, तो ‘लाइव मारपीट’ के ऐसे शर्मनाक वीडियो वायरल न हों। पुलिस का वीडियो के आधार पर कार्रवाई करना सराहनीय है, लेकिन इलाके में शांति बनाए रखने के लिए दोनों पक्षों के बीच स्थायी सुलह या कानूनी समाधान जरूरी है। वरना, अस्पताल में भर्ती ये घायल कल फिर से हथियार उठाने को तैयार मिलेंगे।


