HIGHLIGHTS: कैंडी गांव में मची सनसनी, आक्रोशित ग्रामीणों ने किया चक्का जाम
- वारदात: कैंडी गांव (हलसी थाना) में 65 वर्षीय सुनैना देवी की पत्थर से कूचकर निर्मम हत्या।
- वजह: आशंका है कि पास की दुकानों में चोरी कर रहे बदमाशों को महिला ने देख लिया था, इसलिए पहचान छिपाने के लिए उन्हें मार डाला।
- आक्रोश: सिकंदरा-लखीसराय पथ पर घंटों लगा रहा जाम; अपराधियों की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े ग्रामीण।
- पुलिस एक्शन: हलसी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा; जांच के लिए बनाई गई विशेष टीम।
📊 क्राइम फाइल: कैंडी गांव हत्याकांड का विवरण
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विवरण |
जानकारी |
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मृतका का नाम |
सुनैना देवी (65 वर्ष), पति- स्व. जोगी पासवान। |
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पेशा |
सब्जी विक्रेता। |
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घटनास्थल |
कैंडी गांव के पास, हलसी थाना क्षेत्र, लखीसराय। |
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विरोध प्रदर्शन |
सिकंदरा-लखीसराय मुख्य मार्ग पर जाम। |
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पुलिस की स्थिति |
जांच जारी, अपराधियों की तलाश में छापेमारी। |
लखीसराय | 19 मार्च, 2026
राजधानी पटना से करीब 125 किलोमीटर दूर लखीसराय जिले के कैंडी गांव में आज सुबह सवेरे खौफनाक मंजर देखने को मिला। अपनी जीविका के लिए रोज सब्जी बेचने वाली एक बुजुर्ग महिला, सुनैना देवी, की लाश लहूलुहान हालत में मिली। अपराधियों ने इतनी बेरहमी दिखाई कि महिला का सिर पत्थर से कूच दिया। इस घटना ने इलाके के सुरक्षा दावों की पोल खोल दी है।
क्या ‘चोरी’ की गवाह बनना पड़ा भारी?
प्रारंभिक जांच और ग्रामीणों की बातों से जो कहानी सामने आ रही है, वह बेहद डरावनी है:
- वारदात की रात: सुनैना देवी रोज की तरह अपनी जगह पर सोई हुई थीं।
- चोरों की आहट: उसी रात पास की कुछ दुकानों में ताले तोड़ने की कोशिश की जा रही थी।
- पहचान का डर: माना जा रहा है कि सुनैना देवी की नींद खुल गई और उन्होंने चोरों को देख लिया। अपनी पहचान छिपाने के लिए बदमाशों ने पास पड़े पत्थर से उनके सिर पर कई वार किए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
सड़क पर उतरा गांव, पुलिस के खिलाफ नारेबाजी
घटना की खबर जैसे ही फैली, लखीसराय-सिकंदरा पथ पर सैकड़ों ग्रामीण जुट गए। ‘पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद’ के नारों के साथ सड़क जाम कर दी गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, उनका कहना है कि एक गरीब सब्जी विक्रेता की किसी से क्या दुश्मनी हो सकती थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को आश्वासन दिया है कि अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा।
VOB का नजरिया: क्या ‘सुरक्षा’ केवल कागजों तक सीमित है?
एक 65 साल की बुजुर्ग महिला, जो मेहनत कर अपना पेट पाल रही थी, उसका इस तरह मारा जाना समाज के लिए शर्मनाक है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ का मानना है कि अगर पुलिस की गश्त (Patrolling) क्षेत्र में सक्रिय होती, तो शायद चोरों के हौसले इतने बुलंद न होते। यह केवल एक हत्या नहीं है, बल्कि उस भरोसे की हत्या है जो एक आम आदमी पुलिस पर करता है। लखीसराय पुलिस को जल्द से जल्द उन ‘पत्थरदिल’ कातिलों को सलाखों के पीछे भेजना होगा, वरना ग्रामीणों का यह गुस्सा और भड़क सकता है।


