HIGHLIGHTS: खाकी के गलियारों में नई नियुक्तियां
- ट्रांसफर एक्सप्रेस: बिहार सरकार ने 4 IPS और 2 बिहार पुलिस सेवा (BPS) अधिकारियों को दी नई जिम्मेदारी।
- महिला नेतृत्व: नवगछिया की एसपी प्रेरणा कुमार अब लखीसराय जिले की सुरक्षा की कमान संभालेंगी।
- नार्कोटिक्स से नवगछिया: राजेश कुमार को मद्य निषेध से हटाकर नवगछिया का नया एसपी नियुक्त किया गया।
- मुख्यालय वापसी: लखीसराय के पूर्व एसपी अवधेश दीक्षित अब पटना पुलिस मुख्यालय में अहम पद संभालेंगे।
📊 पुलिस पोस्टिंग ‘फाइल’ रिकॉर्ड: कौन कहाँ गया?
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अधिकारी का नाम |
पद (कहाँ से) |
नया पद (कहाँ के लिए) |
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प्रेरणा कुमार (IPS) |
एसपी, नवगछिया |
एसपी, लखीसराय |
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राजेश कुमार (IPS) |
एसपी, मद्य निषेध ब्यूरो |
एसपी, नवगछिया |
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अवधेश दीक्षित (IPS) |
एसपी, लखीसराय |
एसपी (कार्मिक-1), पुलिस मुख्यालय |
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रामकृष्णा (DSP) |
साइबर अपराध, कटिहार |
SDPO-1, बाढ़ (पटना) |
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आनंद कुमार सिंह (DSP) |
SDPO, बाढ़ |
DSP, पटना हाईकोर्ट सुरक्षा |
पटना | 19 मार्च, 2026
बिहार के गृह विभाग ने बुधवार की देर शाम अधिसूचना जारी कर पुलिस महकमे में एक और प्रशासनिक सर्जरी की है। यह तबादला ऐसे समय में हुआ है जब आगामी त्योहारों (ईद और नवरात्र) को लेकर कानून-व्यवस्था बनाए रखना बड़ी चुनौती है।
अनुभव और चुनौती: क्या है रणनीति?
- प्रेरणा कुमार का नया मिशन: नवगछिया जैसे चुनौतीपूर्ण इलाके में कप्तानी करने के बाद अब प्रेरणा कुमार को लखीसराय भेजा गया है, जहाँ अपराध नियंत्रण और नक्सल बेल्ट की पुरानी चुनौतियों से निपटना उनकी प्राथमिकता होगी।
- नारकोटिक्स से फील्ड की ओर: राजेश कुमार का मद्य निषेध ब्यूरो से नवगछिया आना यह संकेत देता है कि सीमावर्ती इलाकों में शराबबंदी कानून को सख्ती से लागू करने और क्राइम कंट्रोल के लिए सरकार ने ‘स्पेशलिस्ट’ को मैदान में उतारा है।
- बाढ़ में नया चेहरा: पटना के संवेदनशील अनुमंडल ‘बाढ़’ में रामकृष्णा को SDPO बनाया गया है। साइबर अपराध में उनके अनुभव का लाभ अब बाढ़ जैसे हाई-प्रोफाइल इलाके की पुलिसिंग को मिलेगा।
VOB का नजरिया: क्या ‘चेहरों’ के बदलने से बदलेगी ग्राउंड पुलिसिंग?
बिहार में पुलिस अधिकारियों के तबादले एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन लखीसराय और बाढ़ जैसे क्षेत्रों में नई नियुक्तियां हमेशा राजनीतिक और सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण होती हैं। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ का मानना है कि प्रेरणा कुमार का लखीसराय जाना वहां की पुलिसिंग में एक ‘फ्रेश’ नजरिया लाएगा। वहीं, पटना हाई कोर्ट की सुरक्षा में आनंद कुमार सिंह का जाना यह सुनिश्चित करेगा कि न्यायिक परिसर की सुरक्षा और भी चाक-चौबंद हो। सवाल यह है कि क्या ये नए अधिकारी अपने पुराने इलाकों की सफलता को नए जिलों में भी दोहरा पाएंगे?


