बिहार में ‘सत्ता हस्तांतरण’ का मेगा संकेत! सम्राट के कंधे पर नीतीश का हाथ; बोले- “अब आगे यही सब काम करेंगे”

HIGHLIGHTS: समृद्धि यात्रा के मंच से ‘भावी मुख्यमंत्री’ का ऐलान?

  • बड़ा इशारा: जमुई और नवादा की जनसभाओं में सीएम नीतीश ने सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखकर दिया उत्तराधिकारी का संकेत।
  • दिल्ली कूच: नीतीश कुमार राज्यसभा के लिए निर्वाचित; अब बिहार की कमान सौंपने की तैयारी तेज।
  • नया फॉर्मूला: चर्चा है कि बीजेपी को मिलेगी मुख्यमंत्री की कुर्सी, जेडीयू कोटे से दो उपमुख्यमंत्री संभव।
  • निशांत फैक्टर: राजनीतिक गलियारों में सीएम के बेटे निशांत कुमार को ‘इकलौता उपमुख्यमंत्री’ बनाने की चर्चा भी गर्म।

पटना/नवादा | 19 मार्च, 2026

​बिहार की राजनीति में ‘नीतीश युग’ के अगले पड़ाव की पटकथा ‘समृद्धि यात्रा’ के मंचों पर लिखी जा रही है। पिछले दो दिनों से जमुई, नवादा, भागलपुर और बांका की सभाओं में जो तस्वीरें सामने आई हैं, उन्होंने राज्य के सियासी भविष्य पर मुहर लगा दी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सरेआम उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखकर न केवल उन्हें आशीर्वाद दिया, बल्कि यह भी कह दिया कि “आगे अब सारा काम यही करेंगे।”

कंधे पर हाथ… दिल में क्या है राज?

​मंगलवार को भागलपुर-बांका और बुधवार को जमुई-नवादा में नीतीश कुमार का बॉडी लैंग्वेज बहुत कुछ बयां कर रहा था:

  1. समन्वय का संदेश: नीतीश कुमार ने बार-बार सम्राट चौधरी को आगे कर यह संदेश दिया कि बीजेपी और जेडीयू के बीच नेतृत्व को लेकर कोई खींचतान नहीं है।
  2. राज्यसभा का रास्ता: नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने का रास्ता अब पूरी तरह साफ हो चुका है। विधिवत निर्वाचन के बाद अब वे दिल्ली में बड़ी भूमिका निभाएंगे।
  3. उत्तराधिकारी की परख: चर्चा है कि गठबंधन को पूरी ताकत से चलाने और सहयोगियों के साथ तालमेल बिठाने में सम्राट चौधरी को ‘परखा’ जा चुका है।

VOB का नजरिया: क्या ‘किंगमेकर’ अब ‘किंग’ का अभिषेक कर रहे हैं?

​नीतीश कुमार का यह अंदाज केवल स्नेह नहीं, बल्कि एक सुनियोजित ‘एग्जिट प्लान’ का हिस्सा नजर आता है। सम्राट चौधरी के कंधे पर हाथ रखकर वे अपने कोर वोट बैंक (लव-कुश समीकरण) को यह भरोसा दिला रहे हैं कि उनके जाने के बाद भी उनके हितों की रक्षा सम्राट करेंगे। वहीं, निशांत कुमार का नाम उपमुख्यमंत्री की रेस में आना ‘सॉफ्ट ट्रांजिशन’ की ओर इशारा करता है, ताकि जेडीयू के भीतर किसी तरह की टूट न हो। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ का मानना है कि बिहार अब एक नए राजनीतिक अध्याय की दहलीज पर है, जहाँ नीतीश कुमार ‘मार्गदर्शक’ और सम्राट चौधरी ‘नायक’ की भूमिका में होंगे।

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