अयोध्या में ऐतिहासिक क्षण: चैत्र नवरात्र पर राम मंदिर में ‘श्री राम यंत्र’ की होगी प्रतिष्ठा

राम मंदिर अयोध्या में एक और ऐतिहासिक पल जुड़ने जा रहा है। 19 मार्च को चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर मंदिर के गर्भगृह के तीसरे तल पर ‘श्री राम यंत्र’ की विधिवत स्थापना की जाएगी। यह यंत्र पिछले दो वर्षों से मंदिर परिसर में सुरक्षित रखा गया था और प्रतिदिन इसकी पूजा-अर्चना की जाती रही है। अब इसे पूर्ण वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्रतिष्ठित किया जाएगा।

इस खास अवसर पर देशभर से साधु-संत और वैदिक विद्वान शामिल होंगे। साथ ही, द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति भी कार्यक्रम को विशेष बनाएगी।

श्री राम यंत्र का धार्मिक महत्व

श्री राम यंत्र को आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि यह यंत्र नकारात्मक शक्तियों को दूर कर वातावरण को शुद्ध बनाता है और जीवन में शांति व संतुलन लाता है।

ज्योतिषीय दृष्टि से महत्व

ज्योतिष के अनुसार, इस यंत्र का संबंध देवगुरु बृहस्पति से माना जाता है, जो ज्ञान, धर्म और भाग्य के कारक हैं। भगवान राम के जीवन से जुड़ी ग्रह स्थिति को ध्यान में रखते हुए, इस यंत्र को सौभाग्य और सफलता का प्रतीक माना जाता है।

श्री राम यंत्र के लाभ

  • मानसिक तनाव और अशांति को कम करता है
  • घर और कार्यस्थल में सकारात्मक ऊर्जा बढ़ाता है
  • पितृ दोष और ग्रहों के नकारात्मक प्रभाव को कम करने में सहायक
  • सुख, समृद्धि और शांति को बढ़ावा देता है
  • वास्तु दोषों को संतुलित करने में मददगार

कहां कर सकते हैं स्थापना

श्री राम यंत्र को घर, कार्यालय या किसी भी पवित्र स्थान पर स्थापित किया जा सकता है। नियमित पूजा और ध्यान से मानसिक संतुलन, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच में वृद्धि होती है।

धार्मिक मान्यताओं के साथ-साथ, आधुनिक दृष्टिकोण से भी इसे मानसिक स्थिरता और तनाव कम करने में सहायक माना जा रहा है। सही विधि और दिशा में स्थापित करने पर यह यंत्र वातावरण को पवित्र और ऊर्जा से भरपूर बनाता है।

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