गुरुवार, 19 मार्च 2026 से विक्रम संवत 2083 का आरंभ हो गया है। यह नववर्ष चैत्र नवरात्रि के पहले दिन से शुरू होता है और इस बार इसे विशेष माना जा रहा है, क्योंकि वर्ष के अधिपति देवगुरु बृहस्पति हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार बृहस्पति ज्ञान, समृद्धि और सकारात्मकता के प्रतीक हैं। ऐसी मान्यता है कि नववर्ष के पहले दिन किए गए शुभ कार्य पूरे साल जीवन में सुख और संतुलन बनाए रखते हैं।
यहां जानिए 5 ऐसे शुभ कार्य, जिन्हें आज करने से पूरे साल बरकत बनी रह सकती है:
1. मुख्य द्वार की सजावट से करें शुभ शुरुआत
नववर्ष के स्वागत के लिए घर के मुख्य द्वार को सजाना बेहद शुभ माना जाता है। आम या अशोक के पत्तों का वंदनवार लगाएं, स्वास्तिक बनाएं और रंगोली सजाएं। फूलों और दीपक से सजा हुआ द्वार सकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है और घर में सुख-शांति लाता है।
2. नीम और मिश्री का सेवन
चैत्र प्रतिपदा पर नीम की कोमल पत्तियों को मिश्री, काली मिर्च और अजवाइन के साथ खाने की परंपरा है। यह न सिर्फ स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है बल्कि जीवन के सुख-दुख को समान रूप से स्वीकार करने का संदेश भी देता है।
3. ध्वज पूजन और फहराना
घर की छत पर धार्मिक ध्वज फहराना शुभ माना जाता है। ध्वज पर “ॐ” या हनुमान जी का चिन्ह हो सकता है। यह विजय, आत्मविश्वास और सम्मान का प्रतीक है। पूजा के बाद ध्वज फहराने से परिवार में सकारात्मकता बढ़ती है।
4. पंचांग श्रवण और दान-पुण्य
नए वर्ष के पहले दिन पंचांग सुनना या पढ़ना शुभ होता है। मंदिर जाकर वर्षफल जानें और दान करें—जैसे अनाज, जल या गुड़। विशेष रूप से इस समय जल दान और पक्षियों के लिए पानी रखना पुण्यदायी माना जाता है।
5. कलश स्थापना और संकल्प
नववर्ष के दिन कलश स्थापना का विशेष महत्व है। शुभ मुहूर्त में कलश स्थापित कर जौ बोएं और दीपक जलाएं। साथ ही जीवन में कोई सकारात्मक संकल्प लें—जैसे नई शिक्षा शुरू करना या बुरी आदत छोड़ना। यह पूरे साल सफलता और मानसिक शक्ति देता है।
निष्कर्ष:
देवगुरु बृहस्पति के प्रभाव वाले इस वर्ष में ज्ञान, धर्म और सकारात्मकता को अपनाना विशेष फलदायी रहेगा। यदि आप इन पारंपरिक उपायों को अपनाते हैं, तो पूरा साल सुख-समृद्धि और सफलता से भर सकता है।


