भागलपुर/नई दिल्ली: लोकसभा में कृषि और किसान कल्याण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के दौरान खगड़िया से सांसद राजेश वर्मा ने किसानों के हित में कई अहम मांगें उठाईं। उन्होंने लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की ओर से बोलते हुए देश के किसानों को “भारत का भाग्यविधाता” बताया और सरकार की योजनाओं को किसानों के लिए मजबूत कदम बताया।
“किसान ही हैं भारत के भाग्यविधाता”
संसद में अपने संबोधन के दौरान सांसद ने कहा कि राष्ट्रगान की पंक्ति “जन-गण-मन अधिनायक जय हे, भारत भाग्य विधाता” का वास्तविक अर्थ देश के किसानों से जुड़ा है।
उन्होंने कहा कि:
- किसान की मेहनत से ही देश की 140 करोड़ आबादी का पेट भरता है
- खेती मजबूत होगी तो देश भी मजबूत होगा
- अन्नदाता ही भारत के असली भाग्यविधाता हैं
NDA सरकार की योजनाओं की सराहना
सांसद राजेश वर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने कृषि क्षेत्र में बड़े बदलाव किए हैं।
उन्होंने दावा किया कि:
- कृषि बजट में बड़ा इजाफा हुआ है
- किसानों को सीधे लाभ पहुंचाने वाली योजनाएं लागू हुई हैं
- तकनीक और पारदर्शिता से किसानों को फायदा मिला है
बजट और MSP में बढ़ोतरी का दावा
सांसद ने अपने भाषण में आंकड़ों के जरिए सरकार की उपलब्धियां गिनाईं:
- UPA सरकार में कृषि बजट करीब 27,633 करोड़ रुपये था
- NDA सरकार में यह बढ़कर 1.40 लाख करोड़ रुपये हो गया
- धान का MSP 1310 रुपये से बढ़ाकर 2369 रुपये किया गया
- मक्का का MSP बढ़ाकर करीब 2400 रुपये तक पहुंचाया गया
उन्होंने कहा कि इससे किसानों की आय में सुधार हुआ है, खासकर खगड़िया जैसे क्षेत्रों में जहां मक्का उत्पादन बड़े पैमाने पर होता है।
“हमारी सरकार आत्महत्या नहीं, आत्मविश्वास बढ़ाती है”
विपक्ष पर निशाना साधते हुए सांसद ने कहा कि:
- पिछली सरकारों के दौरान किसानों की स्थिति कमजोर थी
- बड़ी संख्या में किसानों ने आत्महत्या की
- वर्तमान सरकार किसानों का आत्मविश्वास बढ़ाने पर काम कर रही है
उन्होंने कहा कि अब सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे किसानों के खातों में पहुंचता है, जिससे पारदर्शिता बढ़ी है।
कृषि उत्पादन में भारत की उपलब्धि
सांसद ने यह भी कहा कि भारत ने 150.18 मिलियन टन चावल उत्पादन के साथ वैश्विक स्तर पर नया मुकाम हासिल किया है और कई देशों को पीछे छोड़ा है।
उन्होंने इसे सरकार की नीतियों और किसानों की मेहनत का संयुक्त परिणाम बताया।
विपक्ष पर तीखा हमला
अपने भाषण के दौरान राजेश वर्मा ने विपक्षी दलों की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि:
- पहले किसानों को सिर्फ वादों तक सीमित रखा गया
- जमीनी स्तर पर काम नहीं हुआ
- आज की सरकार ने कम समय में बड़े बदलाव किए
उन्होंने शायराना अंदाज में कहा कि पहले किसानों का विकास सिर्फ कागजों में था, जबकि अब जमीन पर दिखाई दे रहा है।
किसानों के हित में आगे भी उठेगी आवाज
सांसद ने स्पष्ट किया कि वे आगे भी किसानों के हितों से जुड़े मुद्दों को संसद में उठाते रहेंगे और कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए सरकार से निरंतर मांग करते रहेंगे।
लोकसभा में उठाई गई ये मांगें और तर्क इस बात का संकेत हैं कि आने वाले समय में कृषि और किसान कल्याण सरकार की प्राथमिकता में प्रमुख रूप से शामिल रहेगा।


