सबौर कृषि विश्वविद्यालय में किसान मेला: नवाचार, विकास और उम्मीदों का संगम

भागलपुर | सबौर, 18 मार्च 2026 भागलपुर स्थित कृषि विश्वविद्यालय, सबौर में आयोजित किसान मेला उत्साह, उमंग और नवाचार का अनूठा संगम बनकर सामने आया। इस मेले में किसानों, छात्रों, वैज्ञानिकों और जनप्रतिनिधियों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली, जिससे पूरा परिसर जीवंत और ऊर्जावान नजर आया।

कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में बिहार सरकार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव और ग्रामीण विकास मंत्री सरवन कुमार उपस्थित रहे।

किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

अपने संबोधन में कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने के लिए लगातार नई योजनाएं लागू कर रही है।

उन्होंने किसानों से अपील की कि:

  • आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाएं
  • जैविक खेती को बढ़ावा दें
  • नई फसलों और वैज्ञानिक पद्धतियों का प्रयोग करें

उन्होंने कहा कि इन प्रयासों से उत्पादन बढ़ेगा और लागत में कमी आएगी, जिससे किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

गांवों के विकास की दिशा में प्रयास

ग्रामीण विकास मंत्री सरवन कुमार ने अपने संबोधन में गांवों के समग्र विकास पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि:

  • सड़क, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी सुविधाओं का विस्तार जरूरी है
  • सरकार इन क्षेत्रों में तेजी से काम कर रही है
  • ग्रामीण क्षेत्रों को आत्मनिर्भर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है

विकास योजनाओं का उद्घाटन और पुस्तकों का विमोचन

कार्यक्रम के दौरान कई महत्वपूर्ण विकास योजनाओं का उद्घाटन किया गया, जिनका उद्देश्य ग्रामीण ढांचे को मजबूत करना और रोजगार के अवसर बढ़ाना है।

इसके साथ ही कृषि, ग्रामीण विकास और सामाजिक जागरूकता से जुड़ी कई पुस्तकों का भी विमोचन किया गया, जिससे किसानों और आम लोगों को नई जानकारी और दिशा मिल सके।

आकर्षण का केंद्र बने स्टॉल और प्रदर्शनी

किसान मेले में लगाए गए विभिन्न स्टॉल लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहे। यहां:

  • आधुनिक कृषि उपकरणों का प्रदर्शन
  • हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी
  • नई तकनीकों की जानकारी

ने मेले को और भी खास बना दिया। किसानों ने इन स्टॉलों के माध्यम से नई तकनीकों और उपकरणों के बारे में जानकारी हासिल की।

बड़ी संख्या में पहुंचे लोग

इस आयोजन में स्थानीय किसान, छात्र, कृषि विशेषज्ञ और जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल हुए। मेले ने न केवल किसानों को नई दिशा दी, बल्कि ग्रामीण विकास के प्रति जागरूकता भी बढ़ाई।

कृषि विश्वविद्यालय, सबौर में आयोजित यह मेला किसानों के लिए सीख, प्रेरणा और विकास का एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ, जो आने वाले समय में खेती और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करेगा।

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