मालदा | 18 मार्च 2026 भारतीय रेल के आधुनिकीकरण और सुरक्षा मिशन को नई गति देते हुए पूर्व रेलवे के मालदा मंडल ने एक बड़ी पहल शुरू की है। अब मंडल के प्रमुख रेलखंडों पर W-बीम मेटल सेफ्टी फेंसिंग लगाकर ट्रेनों के सुरक्षित और तेज संचालन का मार्ग तैयार किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य न सिर्फ ट्रेनों की गति को 130 किमी/घंटा तक बढ़ाना है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा को भी उच्च स्तर पर सुनिश्चित करना है।
सुरक्षा के साथ रफ्तार का संतुलन
मालदा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता के नेतृत्व में यह परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है। यह कदम भारतीय रेल के उस दीर्घकालिक विजन का हिस्सा है, जिसमें हाई-स्पीड, हाई-कैपेसिटी और सुरक्षित रेल नेटवर्क विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।
W-बीम फेंसिंग, जो क्रैश बैरियर तकनीक पर आधारित है, रेलवे ट्रैक के किनारों पर मजबूत सुरक्षा कवच तैयार करती है। इससे ट्रैक पर अनधिकृत प्रवेश, मवेशियों की आवाजाही और बाहरी हस्तक्षेप जैसी समस्याओं में भारी कमी आने की उम्मीद है।
316.8 किलोमीटर रेलखंड पर फेंसिंग पूरी
परियोजना के तहत अब तक कुल 316.8 किलोमीटर रेलखंड के दोनों ओर फेंसिंग का कार्य पूरा किया जा चुका है, जबकि कई अन्य हिस्सों में काम अभी जारी है। जिन प्रमुख सेक्शनों में यह कार्य पूरा हुआ है, उनमें शामिल हैं:
- मालदा टाउन – न्यू फरक्का: 62.4 किमी
- महाराजपुर – विक्रमशिला: 72.4 किमी
- मालदा – न्यू फरक्का – तीनपहाड़: 22 किमी
- जमालपुर – किउल: 50 किमी
- विक्रमशिला – भागलपुर: 58 किमी
- भागलपुर – जमालपुर: 52 किमी
- अन्य संवेदनशील रेलखंड
इन क्षेत्रों में फेंसिंग से ट्रैक सुरक्षा में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया है।
दुर्घटनाओं में कमी, संचालन में सुधार
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस आधुनिक फेंसिंग सिस्टम के लागू होने से:
- ट्रैक पर अतिक्रमण की घटनाएं घटेंगी
- मवेशियों के कारण होने वाली दुर्घटनाओं में कमी आएगी
- ट्रेन संचालन अधिक सुरक्षित और निर्बाध होगा
- समयपालन (पंक्चुअलिटी) में सुधार होगा
बहु-स्तरीय सुरक्षा प्रणाली का हिस्सा
यह फेंसिंग परियोजना अकेले नहीं, बल्कि एक व्यापक सुरक्षा रणनीति का हिस्सा है। इसके साथ-साथ रेलवे द्वारा:
- फुट ओवर ब्रिज (FOB)
- सबवे निर्माण
- जन-जागरूकता अभियान
- RPF और स्थानीय प्रशासन की निगरानी
जैसे कदम भी उठाए जा रहे हैं, जिससे सुरक्षा का एक मजबूत मल्टी-लेयर सिस्टम तैयार हो रहा है।
यात्रियों को मिलेगा बेहतर अनुभव
रेलवे का मानना है कि इस पहल से न सिर्फ ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी, बल्कि यात्रियों को एक सुरक्षित, सुगम और भरोसेमंद यात्रा अनुभव भी मिलेगा। भविष्य में इस तरह की तकनीकों का विस्तार अन्य मंडलों में भी किया जा सकता है।
मालदा मंडल ने साफ कर दिया है कि वह आधुनिक तकनीक और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर के जरिए यात्रियों को सुरक्षित, तेज और कुशल रेल सेवा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।


