HIGHLIGHTS: ‘नेक संवाद’ से उठी अमन और तरक्की की आवाज
- मेजबानी: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने आवास ‘1 अणे मार्ग’ स्थित ‘नेक संवाद’ में रोजेदारों के लिए दावत-ए-इफ्तार का आयोजन किया।
- सामूहिक दुआ: मित्तन घाट के सज्जादानशीं हजरत सैयद शाह शमीमउद्दीन अहमद मुनअमी ने कराई दुआ; बिहार की सुख-शांति और मोहब्बत के लिए मांगे हाथ।
- NDA की एकजुटता: उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय कुमार सिन्हा समेत एनडीए सरकार के तमाम दिग्गज मंत्री एक ही दस्तरखान पर नजर आए।
- महत्ता: इफ्तार से पहले रमजान और रोजे की रूहानी अहमियत पर डाला गया विस्तार से प्रकाश।
इफ्तार का ‘पावर’ रिकॉर्ड: कौन-कौन रहे मौजूद?
- सत्ता के शीर्ष चेहरे: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा।
- मंत्रिमंडल की उपस्थिति: विजय कुमार चौधरी, श्रवण कुमार, सुनील कुमार, जमा खान, दिलीप जायसवाल, संतोष सुमन, रामकृपाल यादव, संजय कुमार सिंह।
- संसदीय गरिमा: विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह।
- पार्टी अध्यक्ष: संजय सरावगी (भाजपा प्रदेश अध्यक्ष) और उमेश कुशवाहा (जदयू प्रदेश अध्यक्ष)।
- प्रशासन: राज्य के कई वरीय प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी।
पटना | 18 मार्च, 2026
राजधानी पटना का ‘1 अणे मार्ग’ आज शाम रूहानियत और गंगा-जमुनी तहजीब के रंग में सराबोर दिखा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पवित्र रमजान के महीने में रोजेदारों के सम्मान में भव्य दावत-ए-इफ्तार का आयोजन किया। ‘नेक संवाद’ हॉल में सजे दस्तरखान पर न केवल धर्म और आस्था का संगम दिखा, बल्कि बिहार की बदलती राजनीतिक तस्वीर और एनडीए सरकार की मजबूती की झलक भी मिली।
दुआ में शामिल हुए हजारों हाथ
इफ्तार का समय होते ही पूरा माहौल दुआओं की गूंज से भर गया। मित्तन घाट के सज्जादानशीं हजरत मुनअमी ने रमजान की अहमियत बताते हुए कहा कि यह महीना आत्म-संयम और समाज के प्रति प्रेम का संदेश देता है। मुख्यमंत्री ने खुद आगे बढ़कर एक-एक रोजेदार का स्वागत किया और उनके साथ बैठकर खजूर से रोजा खोला।
VOB का नजरिया: सियासत के मंच पर ‘दुआ’ का संदेश!
बिहार की राजनीति में इफ्तार पार्टियों का हमेशा से एक बड़ा प्रतीकात्मक महत्व रहा है। 1 अणे मार्ग की यह दावत इसलिए खास है क्योंकि इसमें एनडीए के तमाम बड़े घटक दलों के नेता—खासकर भाजपा के शीर्ष नेता सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा—एक साथ इफ्तार करते नजर आए। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ का मानना है कि ऐसे आयोजन समाज में आपसी भाईचारे को तो बढ़ावा देते ही हैं, साथ ही यह सत्ता के गलियारों से राज्य में ‘शांति और स्थिरता’ का संदेश भी मजबूती से देते हैं। मुख्यमंत्री का रोजेदारों के बीच जाकर उनका स्वागत करना उनके ‘सबका साथ, सबका विकास’ के संकल्प को और पुख्ता करता है।


