गोपालगंज में रेस्टोरेंट की आड़ में ‘गंदा धंधा’! पुलिस की छापेमारी में सेक्स रैकेट का खुलासा; संचालक समेत 5 गिरफ्तार

HIGHLIGHTS: महम्मदपुर बाजार में पुलिस का ‘एक्शन’

  • बड़ा खुलासा: गोपालगंज के महम्मदपुर थाना क्षेत्र में रेस्टोरेंट की आड़ में चल रहे देह व्यापार के धंधे का भंडाफोड़।
  • छापेमारी: सदर एसडीपीओ 2 राजेश कुमार के नेतृत्व में गुप्त सूचना पर की गई त्वरित कार्रवाई।
  • गिरफ्तारी: पुलिस ने मौके से 2 महिलाओं और रेस्टोरेंट संचालक समेत 5 लोगों को हिरासत में लिया।
  • बरामदगी: छापेमारी के दौरान रेस्टोरेंट के कमरों से कई आपत्तिजनक सामान बरामद किए गए।

सेक्स रैकेट का ‘फाइल’ रिकॉर्ड: एक नजर में

  • स्थान: महम्मदपुर बाजार स्थित रेस्टोरेंट, महम्मदपुर थाना क्षेत्र (गोपालगंज)।
  • कुल गिरफ्तारी: 5 लोग (2 महिलाएं और 3 पुरुष)।
  • मुख्य आरोपी: रेस्टोरेंट संचालक (जेल भेजने की तैयारी)।
  • जब्ती: आपत्तिजनक सामान और दस्तावेज।
  • पुलिस कमान: राजेश कुमार, सदर एसडीपीओ 2 (सिधवलिया/गोपालगंज)।

गोपालगंज | 18 मार्च, 2026

​गोपालगंज के महम्मदपुर इलाके में आज उस वक्त हड़कंप मच गया जब पुलिस ने एक नामी रेस्टोरेंट के भीतर चल रहे अनैतिक कार्यों का पर्दाफाश किया। कहने को तो यह एक भोजनालय था, लेकिन इसके बंद कमरों के भीतर ‘जिस्म का सौदा’ हो रहा था। महम्मदपुर बाजार स्थित इस रेस्टोरेंट में पुलिस ने जब दबिश दी, तो अंदर का नजारा देख अधिकारी भी दंग रह गए।

गुप्त सूचना और ‘सर्जिकल स्ट्राइक’

​सदर एसडीपीओ 2 राजेश कुमार को पिछले कुछ दिनों से शिकायतें मिल रही थीं कि इस रेस्टोरेंट में संदिग्ध गतिविधियां बढ़ गई हैं:

  1. त्वरित कार्रवाई: सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने जाल बिछाया और बिना किसी शोर के रेस्टोरेंट को चारों तरफ से घेर लिया।
  2. आपत्तिजनक स्थिति: जब पुलिस कमरों के भीतर पहुंची, तो वहां कई जोड़े आपत्तिजनक स्थिति में मिले। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 2 महिलाओं और 3 पुरुषों को काबू में कर लिया।
  3. लंबे समय से खेल: पूछताछ में खुलासा हुआ है कि रेस्टोरेंट की आड़ में यह अवैध कारोबार काफी समय से धड़ल्ले से चलाया जा रहा था।

VOB का नजरिया: क्या ‘रेस्टोरेंट’ के नाम पर कानून को ठेंगा दिखाया जा रहा है?

​गोपालगंज की यह घटना समाज और प्रशासन के लिए एक चेतावनी है। हाईवे किनारे और बाजारों में खुले रेस्टोरेंट अब केवल खाने-पीने की जगह नहीं रह गए हैं, बल्कि कई जगहों पर इनका इस्तेमाल अनैतिक कार्यों के लिए किया जा रहा है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ का मानना है कि केवल छापेमारी काफी नहीं है, बल्कि ऐसे रेस्टोरेंट्स का लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द होना चाहिए। पुलिस को अब इस बात की भी जांच करनी चाहिए कि क्या इस रैकेट के तार अन्य जिलों या राज्यों से भी जुड़े हैं?

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