बिहार के स्टेशनों पर ‘QR कोड’ क्रांति! अब टिकट के लिए लाइन में लगना गुजरे जमाने की बात; ‘रेलवन’ एप से सफर होगा हाईटेक

HIGHLIGHTS: रेल यात्रियों के लिए डिजिटल सौगात

  • 3 चरणों में बदलाव: बिहार के सभी स्टेशनों पर चरणबद्ध तरीके से लगेंगे यूनिक QR कोड।
  • रेलवन (RailOne) एप: यूटीएस (UTS) का नया अवतार लॉन्च; अब एक ही एप में रिजर्वेशन, जनरल और प्लेटफॉर्म टिकट।
  • 67 मीटर की दूरी खत्म: अब स्टेशन परिसर के भीतर से ही टिकट बुक होगा; बाहर जाने की मजबूरी होगी खत्म।
  • एंटरटेनमेंट ऑन बोर्ड: ‘गो टू वेव्स’ प्लेटफॉर्म से यात्रा के दौरान मुफ्त में देखें फिल्में और वेब सीरीज।

डिजिटल रेलवे: ‘रेलवन’ एप का प्रोफाइल

  • एप का नाम: रेलवन (RailOne) – यूटीएस ऑन मोबाइल का उन्नत संस्करण।
  • बुकिंग विकल्प: इसमें ‘आउट स्टेशन’ (स्टेशन पहुंचने से पहले) और ‘एट स्टेशन’ (स्टेशन पहुंचकर) के दो विकल्प हैं।
  • प्रमुख सुविधाएं: पीएनआर स्टेटस, ट्रेन सर्च, कोच पोजीशन, लाइव लोकेशन और रेल मदद।
  • एक्स्ट्रा फीचर्स: ऑनलाइन फूड ऑर्डर और ‘गो टू वेव्स’ मनोरंजन प्लेटफॉर्म।
  • वर्तमान बाधा: स्टेशनों पर QR कोड न होने से यात्री ‘एट स्टेशन’ विकल्प का लाभ नहीं ले पा रहे हैं।

पटना/हाजीपुर | 18 मार्च, 2026

​बिहार के रेल यात्रियों के लिए ‘अच्छे दिन’ आने वाले हैं। अब आपको जनरल टिकट लेने के लिए लंबी कतारों में पसीना बहाने की जरूरत नहीं होगी। रेलवे ने नया ‘रेलवन’ (RailOne) एप लॉन्च किया है, जो आपकी जेब में ही पूरा रेलवे काउंटर समेटे हुए है। हालांकि, तकनीकी पेंच यह था कि स्टेशन के अंदर से टिकट बुक नहीं हो पा रहा था, जिसका समाधान अब ‘QR कोड’ के जरिए निकाला जा रहा है।

67 मीटर वाला ‘सिरदर्द’ होगा खत्म

​वर्तमान में स्थिति यह है कि स्टेशन परिसर के भीतर से एप काम नहीं करता (Geofencing के कारण)। यात्रियों को जनरल टिकट बुक करने के लिए स्टेशन की बाउंड्री से 67 मीटर दूर जाना पड़ता है।

  • QR कोड समाधान: अब हर स्टेशन के बुकिंग काउंटर और परिसर में QR कोड लगाए जाएंगे।
  • कैसे होगा काम? यात्री स्टेशन पहुंचकर ‘एट स्टेशन’ विकल्प चुनेंगे, कोड स्कैन करेंगे और मोबाइल से ही भुगतान कर टिकट पा सकेंगे।

हाजीपुर: कर्मचारियों की समस्याओं पर GM का ‘एक्शन’

​इधर, पूर्व मध्य रेलवे के हाजीपुर मुख्यालय में जीएम छत्रसाल सिंह ने मंगलवार को एक सराहनीय पहल की। उन्होंने सीधे रेलकर्मियों से मुलाकात कर उनकी विभागीय समस्याओं को सुना।

  • नियम: हर मंगलवार को जीएम रेलकर्मियों से मिलते हैं।
  • निर्देश: जीएम ने संबंधित विभागों को समय सीमा के भीतर समस्याओं के निष्पादन का सख्त निर्देश दिया है।

VOB का नजरिया: डिजिटल इंडिया की पटरी पर दौड़ता बिहार!

​’रेलवन’ एप और QR कोड की व्यवस्था बिहार के करोड़ों दैनिक यात्रियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। अक्सर देखा जाता है कि ट्रेन आने वाली होती है और यात्री टिकट की लाइन में फंसे रह जाते हैं। ‘गो टू वेव्स’ जैसा फीचर लंबी दूरी की यात्रा को बोरियत से बचाएगा। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ का मानना है कि रेलवे को यह सुनिश्चित करना होगा कि स्टेशनों पर इंटरनेट की कनेक्टिविटी (Free Wi-Fi) भी मजबूत हो, ताकि ऐप के इस्तेमाल में कोई तकनीकी बाधा न आए।

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