HIGHLIGHTS: एनर्जी सिक्योरिटी की बड़ी जीत
- नंदा देवी की एंट्री: 46,500 मीट्रिक टन LPG लेकर दूसरा भारतीय पोत सुरक्षित गुजरात पहुंचा।
- शिवालिक का साथ: सोमवार को ‘शिवालिक’ मुंद्रा पहुंचा था, अब दो जहाजों ने कुल 92,700 टन गैस की सप्लाई सुनिश्चित की है।
- अभी भी ‘फंसे’ 22 जहाज: फारस की खाड़ी में भारत के 22 जहाज और 611 नाविक अभी भी मौजूद हैं।
- हेल्पलाइन अलर्ट: जहाजरानी मंत्रालय के कंट्रोल रूम ने अब तक 3180 कॉल और 5800+ ईमेल का जवाब दिया है।
अहमदाबाद/नई दिल्ली | 18 मार्च, 2026
पश्चिम एशिया में जारी भीषण तनाव और युद्ध के बीच भारत के लिए एक राहत भरी खबर आई है। ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz), जिसे दुनिया का सबसे खतरनाक समुद्री रास्ता माना जा रहा है, उसे पार कर भारत का दूसरा LPG पोत ‘नंदा देवी’ मंगलवार को गुजरात के वाडिनार बंदरगाह पर सुरक्षित लग गया।
‘नंदा देवी’ का सफर: कतर से वाडिनार तक
दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी के चेयरमैन सुशील कुमार सिंह के अनुसार, यह जहाज कतर से गैस लेकर चला था।
- शिप-टू-शिप ट्रांसफर: नंदा देवी से गैस को अब एक छोटे जहाज ‘BW Birch’ में ट्रांसफर किया जा रहा है।
- अगला पड़ाव: यहां से यह गैस तमिलनाडु के एन्नोर और पश्चिम बंगाल के हल्दिया बंदरगाहों तक भेजी जाएगी ताकि देश के पूर्वी हिस्सों में सप्लाई सुचारू रहे।
- प्रायोरिटी: मंत्रालय के निर्देश पर इन गैस जहाजों को ‘टॉप प्रायोरिटी’ पर अनलोड किया जा रहा है ताकि कोई देरी न हो।
📊 भारतीय समुद्री मिशन: एक नजर में
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विवरण |
सांख्यिकी / स्थिति |
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कुल नाविक (अभी भी खाड़ी में) |
611 |
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फंसे हुए भारतीय जहाज |
22 (पश्चिमी फारस की खाड़ी में) |
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हेल्पलाइन रिस्पांस |
3,180 कॉल और 5,875 ईमेल |
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कच्चा तेल अपडेट |
‘जग लाडकी’ (81,000 टन कच्चा तेल) भी भारत के रास्ते में है। |
मंत्रालय की मुस्तैदी: कंट्रोल रूम 24×7 एक्टिव
जहाजरानी मंत्रालय के संयुक्त सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता अपने नाविकों की सुरक्षा है। कंट्रोल रूम न केवल जहाजों की लोकेशन ट्रैक कर रहा है, बल्कि नाविकों के परिवारों को भी पल-पल की जानकारी दे रहा है। पिछले 24 घंटों में ही 378 ईमेल के जरिए परिवारों की शंकाओं को दूर किया गया है।
VOB का नजरिया: क्या ‘एनर्जी डिप्लोमेसी’ रंग ला रही है?
’नंदा देवी’ और ‘शिवालिक’ का सुरक्षित पहुंचना भारत की मजबूत विदेश नीति और नौसेना के समन्वय का परिणाम है। 88% कच्चा तेल और 60% LPG आयात करने वाले देश के लिए होर्मुज का रास्ता बंद होना किसी आपदा से कम नहीं होता। हालांकि, 22 जहाजों का अब भी वहां फंसा होना एक बड़ी चुनौती है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ का मानना है कि सरकार को न केवल इन जहाजों की सुरक्षा, बल्कि भविष्य के लिए अमेरिका जैसे वैकल्पिक स्रोतों से गैस आयात की गति भी तेज करनी चाहिए।


