मोतिहारी में ‘अंतिम सलाम’! शहीद जांबाज श्री राम यादव को DIG-DM ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि; एनकाउंटर में कुख्यात कुंदन ठाकुर समेत 2 ढेर

HIGHLIGHTS: शहादत और शौर्य की दास्तां

  • सर्वोच्च बलिदान: एसटीएफ (STF) के वीर सिपाही श्री राम कुमार यादव कर्तव्य की वेदी पर हुए शहीद।
  • एनकाउंटर: चकिया के शिवहरवा गांव में देर रात हुई मुठभेड़; कुख्यात कुंदन ठाकुर और प्रियांशु दुबे ढेर।
  • गमगीन माहौल: मोतिहारी पुलिस लाइन में शहीद का पार्थिव शरीर पहुंचते ही बिलख पड़ा परिवार; अधिकारियों ने दिया कंधा।
  • हथियारों का जखीरा: अपराधियों के पास से एक कारबाइन और अन्य हथियार बरामद; 2 साथी गिरफ्तार।

मोतिहारी | 17 मार्च, 2026

​चंपारण की धरती आज एक तरफ जीत के गौरव और दूसरी तरफ गहरे शोक में डूबी है। मोतिहारी के चकिया में अपराधियों से लोहा लेते हुए बिहार पुलिस के एक और जांबाज, एसटीएफ सिपाही श्री राम कुमार यादव ने अपनी शहादत दे दी। पुलिस लाइन में जब शहीद का तिरंगे में लिपटा पार्थिव शरीर लाया गया, तो वहां मौजूद हर आंख नम थी और हवा में ‘शहीद श्री राम अमर रहें’ के नारे गूंज रहे थे।

शिवहरवा में ‘खूनी’ रात: जब गूंजी कारबाइन की आवाज

​घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए एसपी स्वर्ण प्रभात ने पूरे ऑपरेशन का ब्यौरा साझा किया:

  • मुठभेड़ स्थल: चकिया थाना क्षेत्र का शिवहरवा गांव।
  • जवाबी कार्रवाई: अपराधियों की ओर से हुई फायरिंग के बाद पुलिस ने मोर्चा संभाला। इस मुठभेड़ में कुख्यात अपराधी कुंदन ठाकुर और प्रियांशु दुबे को ढेर कर दिया गया।
  • भारी बरामदगी: अपराधियों के पास से प्रतिबंधित कारबाइन का मिलना इस बात का प्रमाण है कि वे किसी बड़ी वारदात की फिराक में थे।

पुलिस लाइन में अंतिम विदाई: “मेरा बेटा वापस ला दो”

​शहीद श्री राम कुमार यादव का पार्थिव शरीर जब मोतिहारी पुलिस लाइन पहुंचा, तो वहां हृदयविदारक दृश्य था।

  1. परिजनों का विलाप: शहीद के परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल था। उनके करुण क्रंदन से पुलिस लाइन का माहौल गमगीन हो गया।
  2. श्रद्धांजलि: डीआईजी (DIG), जिलाधिकारी (DM) और एसपी स्वर्ण प्रभात सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों ने शहीद के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें सलामी दी।
  3. गिरफ्तारी: एसपी ने बताया कि गिरोह के 2 अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किया गया है, जिनसे कड़ी पूछताछ जारी है।

VOB का नजरिया: शहादत बेकार नहीं जाएगी!

​श्री राम कुमार यादव की शहादत बिहार पुलिस के उस संकल्प को दोहराती है कि समाज की सुरक्षा के लिए ‘खाकी’ किसी भी हद तक जा सकती है। एक तरफ जहां दो खूंखार अपराधियों का अंत हुआ, वहीं एक हँसते-खेलते परिवार का चिराग बुझ गया। कारबाइन जैसे आधुनिक हथियार का अपराधियों के पास होना एक गंभीर चिंता का विषय है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ शहीद के परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता है और मांग करता है कि गिरफ्तार अपराधियों से कड़ी पूछताछ कर इस पूरे सिंडिकेट को जड़ से उखाड़ा जाए।

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