HIGHLIGHTS: विश्वविद्यालय थाना की बड़ी कामयाबी
- भारी बरामदगी: पुलिस ने एक साथ 40 चोरी के मोबाइल फोन और 1 लैपटॉप बरामद किया।
- गुप्त सूचना पर एक्शन: परबती से आशानन्दपुर की तरफ पैदल आ रहे अभियुक्त को पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा।
- टीम वर्क: विश्वविद्यालय थाना और DIU (जिला आसूचना इकाई) की संयुक्त कार्रवाई में मिली सफलता।
- कांड दर्ज: विश्वविद्यालय थाना कांड संख्या-32/26 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू।
भागलपुर | 17 मार्च, 2026
भागलपुर पुलिस ने मोबाइल छिनतई और चोरी करने वाले गिरोह के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के कड़े रुख के बाद जिले में चलाए जा रहे ‘हॉट-स्पॉट’ छापेमारी अभियान के तहत विश्वविद्यालय थाना पुलिस ने एक ऐसे शख्स को दबोचा है, जिसके पास से मोबाइल फोनों का ‘मिनी स्टॉक’ बरामद हुआ है।
उर्दू गर्ल्स हाईस्कूल के पास बिछाया गया ‘जाल’
घटनाक्रम के अनुसार, 16 मार्च को पुलिस को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति अवैध सामान के साथ परबती की ओर से उर्दू गर्ल्स हाईस्कूल (आशानन्दपुर) की तरफ आ रहा है।
- त्वरित कार्रवाई: नगर पुलिस अधीक्षक और नगर पुलिस उपाधीक्षक की निगरानी में थानाध्यक्ष अभिनाश राउत के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।
- वाहन चेकिंग: टीम ने स्कूल के पास सघन चेकिंग अभियान शुरू किया। इसी दौरान पुलिस ने पैरिया (अमडंडा) निवासी अभिमन्यु कुमार को संदिग्ध अवस्था में रोका।
- तलाशी का परिणाम: जब अभिमन्यु के सामान की तलाशी ली गई, तो पुलिस के भी होश उड़ गए। उसके पास से एक-दो नहीं, बल्कि पूरे 40 चोरी के मोबाइल बरामद हुए।
📊 रिकवरी रिपोर्ट: क्या-क्या मिला?
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बरामद सामान |
संख्या / राशि |
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चोरी के मोबाइल फोन |
40 |
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लैपटॉप |
01 |
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नगद राशि |
₹300 |
गिरफ्तार अभियुक्त का प्रोफाइल
- नाम: अभिमन्यु कुमार
- पिता: संजय मंडल
- पता: ग्राम-पैरिया, थाना-अमडंडा, जिला-भागलपुर।
छापेमारी दल के जांबाज
इस सफल ऑपरेशन में विश्वविद्यालय थानाध्यक्ष अभिनाश राउत के साथ स०अ०नि० श्रवण कुमार, सिपाही प्रवीण कुमार, संतोष कुमार और भागलपुर की DIU टीम की अहम भूमिका रही।
VOB का नजरिया: क्या यह किसी बड़े ‘डिलीवरी रैकेट’ का हिस्सा है?
एक अकेले व्यक्ति के पास से 40 मोबाइल और लैपटॉप का मिलना यह साफ इशारा करता है कि वह महज एक ‘पॉकेटमार’ नहीं है। संभावना है कि वह चोरी के मोबाइलों को इकट्ठा कर किसी दूसरे शहर या राज्य में खपाने के लिए ले जा रहा था। भागलपुर पुलिस के लिए अब बड़ी चुनौती उन ‘मास्टरमाइंड’ तक पहुंचना है जो इन मोबाइलों को खरीदने और इनके IMEI नंबर बदलने का काला खेल खेलते हैं।


