
पटना | क्राइम डेस्क — राजधानी पटना के बुद्ध कॉलोनी थाना क्षेत्र स्थित मंदिरी काठ पुल इलाके में मंगलवार को उस समय बड़ा हंगामा खड़ा हो गया, जब मादक पदार्थों के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची नारकोटिक्स टीम पर स्थानीय लोगों और असामाजिक तत्वों ने हमला कर दिया। हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हवाई फायरिंग करनी पड़ी।
गुप्त सूचना पर पहुंची थी टीम
जानकारी के मुताबिक, नारकोटिक्स विभाग को मंदिरी इलाके में नशे के कारोबार की पुख्ता सूचना मिली थी। इसी आधार पर टीम ने सिन्हा कोठी के पास छापेमारी की और मौके से दो संदिग्ध तस्करों को हिरासत में लिया।
लेकिन जैसे ही पुलिस टीम आरोपियों को लेकर निकलने लगी, वहां मौजूद लोगों की भीड़ अचानक उग्र हो गई।
पुलिस पर पथराव, आरोपियों को छुड़ाने की कोशिश
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भीड़ ने पुलिस वाहनों को घेर लिया और पथराव शुरू कर दिया। कुछ लोगों ने पुलिस हिरासत से आरोपियों को छुड़ाने की कोशिश भी की।
अचानक हुए इस हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और स्थिति तेजी से नियंत्रण से बाहर होती चली गई।
हालात बिगड़े तो पुलिस ने की हवाई फायरिंग
स्थिति को संभालने के लिए पुलिस ने पहले समझाने की कोशिश की, लेकिन भीड़ नहीं मानी। इसके बाद आत्मरक्षा और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस को हवा में कई राउंड फायरिंग करनी पड़ी।
फायरिंग के बाद मौके पर भगदड़ मच गई और लोग इधर-उधर भागने लगे। इसी बीच पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए दोनों मुख्य आरोपियों को सुरक्षित हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया।
अधिकारी ने दी सख्त चेतावनी
मामले पर (डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर) ने बताया कि पुलिस टीम पर हमला करने वालों की पहचान की जा रही है।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि कानून हाथ में लेने वालों और तस्करों का साथ देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। घटना से जुड़े वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों को चिन्हित किया जा रहा है।
इलाके में भारी पुलिस बल, तनावपूर्ण शांति
घटना के बाद पूरे इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह इलाका लंबे समय से नशे के कारोबार के लिए कुख्यात रहा है और पुलिस की कार्रवाई के बाद तस्करों में बौखलाहट देखी जा रही है।
कानून व्यवस्था पर उठे सवाल
दिनदहाड़े पुलिस टीम पर हमला और आरोपियों को छुड़ाने की कोशिश ने कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना इस बात का संकेत है कि नशे के कारोबार से जुड़े गिरोह कितने संगठित और बेखौफ हो चुके हैं।
अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में आगे क्या कार्रवाई करती है और क्या इस नेटवर्क पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सकेगी।


