हरियाणा के से एक बेहद गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां स्कूल के अंदर ही छात्राओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। 10वीं बोर्ड परीक्षा के दौरान एक शिक्षक पर सात छात्राओं के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप लगा है।
परीक्षा के दौरान हुई घटना, छात्राओं ने लगाए आरोप
घटना यमुनानगर के मॉडल कॉलोनी स्थित एक सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल की है। जानकारी के मुताबिक, सोमवार को 10वीं कक्षा का अंतिम पेपर (सोशल साइंस) चल रहा था। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात एक शिक्षक ने कथित रूप से छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार किया।
परीक्षा खत्म होने के बाद डरी-सहमी छात्राओं ने अपने परिजनों को पूरी घटना बताई, जिसके बाद मामला सामने आया।
परिजनों का हंगामा, स्कूल में तनाव
घटना की जानकारी मिलते ही परिजन बड़ी संख्या में स्कूल पहुंचे और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया और प्रशासन को मौके पर पहुंचकर स्थिति संभालनी पड़ी।
परिजनों का कहना है कि वे अपने बच्चों को सुरक्षित माहौल में पढ़ाई के लिए स्कूल भेजते हैं, लेकिन इस तरह की घटना ने उनके भरोसे को तोड़ दिया है।
पुलिस ने आरोपी शिक्षक को लिया हिरासत में
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षक को हिरासत में ले लिया है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार:
- छात्राओं के बयान दर्ज किए जा रहे हैं
- साक्ष्यों के आधार पर केस दर्ज किया जाएगा
- संबंधित धाराओं में कड़ी कार्रवाई की जाएगी
प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया
स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने इस घटना को बेहद निंदनीय बताया है और पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए।
स्कूल सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था और शिक्षकों की जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
- क्या स्कूल परिसर पूरी तरह सुरक्षित हैं?
- क्या निगरानी व्यवस्था पर्याप्त है?
- क्या शिक्षकों के चयन और निगरानी में सुधार की जरूरत है?
ये सवाल अब चर्चा के केंद्र में हैं।
जांच जारी, सख्त कार्रवाई का भरोसा
पुलिस ने आश्वासन दिया है कि मामले की गहन जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर आरोपी को कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
निष्कर्ष
यह घटना समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। स्कूल जैसे सुरक्षित माने जाने वाले स्थान पर इस तरह की घटना ने सभी को झकझोर दिया है।
अब सभी की नजर जांच पर है कि पीड़ित छात्राओं को न्याय कब और कैसे मिलता है।


