HIGHLIGHTS
- सनसनीखेज हत्या: मोतीपुर बाजार में जाम के दौरान गलत दिशा से गाड़ी निकालने का विरोध करने पर वारदात।
- पीड़ित: सिंगैला शंकर टोला के लालबाबू राय (व्यवसायी मोतीलाल अग्रवाल के ड्राइवर) की मौत।
- हैवानियत: आरोपी ने ड्राइवर को कार से खींचकर सड़क पर पटका और सिर पर किए वार।
- पुलिस एक्शन: आरोपी की पहचान सुंदर सराय गांव के निवासी के रूप में हुई; गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी।
मुजफ्फरपुर/मोतीपुर | 17 मार्च, 2026
बिहार की सड़कों पर ‘सड़क छाप गुंडागर्दी’ ने एक और बेगुनाह की जान ले ली है। मुजफ्फरपुर के मोतीपुर बाजार में सोमवार शाम जो हुआ, उसने ट्रैफिक जाम की समस्या और लोगों के घटते धैर्य पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। महज एक ‘टोकने’ की सजा मौत के रूप में मिलेगी, यह किसी ने नहीं सोचा था।
गलत साइड का विरोध और फिर ‘मौत’ का तांडव
मृतक के पुत्र गुलशन कुमार ने घटना की जो जानकारी दी है, वह रोंगटे खड़े कर देने वाली है:
- जाम का मंजर: शाम करीब चार बजे मोतीपुर बाजार के राधा कृष्णा मंदिर के पास भारी जाम लगा था।
- विवाद की वजह: व्यवसायी मोतीलाल अग्रवाल की कार लेकर लालबाबू राय निकले थे। इसी बीच सामने से आ रही एक कार का चालक नियमों को ताक पर रखकर गलत साइड (Wrong Side) से निकलने की कोशिश करने लगा।
- हमला: जब लालबाबू ने उसे रोका, तो आरोपी आपा खो बैठा। उसने लालबाबू को उनकी कार से बाहर खींचा और बीच सड़क पर बेरहमी से पटककर पीटना शुरू कर दिया।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही थम गईं सांसें
मारपीट के दौरान लालबाबू का सिर सड़क पर जोर से लगने के कारण फट गया। आरोपी मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोग उन्हें तुरंत मोतीपुर सीएचसी (CHC) ले गए, लेकिन घाव इतना गहरा था कि डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पुलिस की कार्रवाई: आरोपी चिह्नित, छापेमारी तेज
घटना की सूचना मिलते ही SDPO पश्चिमी-1 सुचित्रा कुमारी और मोतीपुर थानाध्यक्ष दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे।
- पहचान: पुलिस ने बताया कि फरार आरोपी कार चालक की पहचान सुंदर सराय गांव के निवासी के रूप में कर ली गई है।
- सर्च ऑपरेशन: आरोपी के संभावित ठिकानों पर पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं।
VOB का नजरिया: क्या हमारी सड़कों पर कानून का डर खत्म हो गया है?
लालबाबू राय का कसूर सिर्फ इतना था कि उन्होंने एक गलत काम को रोका। मोतीपुर की यह घटना दिखाती है कि कैसे ‘सड़क का बाहुबली’ बनने की होड़ में लोग इंसानियत भूल चुके हैं। अगर जाम में गलत दिशा से आने वाले चालक को रोकने पर सरेआम हत्या हो जाती है, तो आम नागरिक की सुरक्षा भगवान भरोसे ही है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ मांग करता है कि ऐसे आरोपियों पर न केवल हत्या का मुकदमा चले, बल्कि उनके ड्राइविंग लाइसेंस को हमेशा के लिए रद्द कर एक मिसाल पेश की जाए।


