HIGHLIGHTS
- आरोप: फतेहपुर के कन्हैया यादव ने दारोगा विकास कुमार पर बेरहमी से पिटाई का लगाया आरोप।
- वजह (पीड़ित के अनुसार): बुढ़िया नदी में अवैध बालू खनन का विरोध करने पर मिली ‘सजा’।
- पलटवार (पुलिस के अनुसार): दारोगा का दावा— “आरोपी और उसका भाई ब्राउन शुगर के धंधेबाज हैं, सख्ती पर बुन रहे झूठी कहानी।”
- एक्शन: पीड़ित ने न्याय के लिए भागलपुर आईजी (IG) कार्यालय में दर्ज कराई गुहार।
भागलपुर | 17 मार्च, 2026
भागलपुर के जगदीशपुर थाना क्षेत्र में ‘वर्दी’ और ‘इल्जाम’ के बीच एक ऐसी जंग शुरू हुई है, जिसमें सच की तलाश अब आईजी कार्यालय को करनी होगी। एक तरफ जहां एक ग्रामीण पुलिस पर अवैध खनन को संरक्षण देने और मारपीट का आरोप लगा रहा है, वहीं दूसरी तरफ पुलिस इसे ‘नशा माफिया’ का जवाबी हमला करार दे रही है।
पीड़ित का दावा: “बालू का विरोध किया तो मिलीं लाठियां”
फतेहपुर निवासी कन्हैया यादव ने आईजी कार्यालय में जो शिकायत दर्ज कराई है, वह काफी गंभीर है:
- किडनैपिंग जैसा व्यवहार: कन्हैया का आरोप है कि दारोगा विकास कुमार उसे जबरन थाने ले गए और वहां उसकी जमकर पिटाई की।
- कारण: कन्हैया के मुताबिक, जब उसने पिटाई की वजह पूछी तो दारोगा ने साफ कहा— “बुढ़िया नदी में ट्रक में बालू लोड करने का विरोध क्यों करते हो?”
- सीधा आरोप: पीड़ित का कहना है कि क्षेत्र में अवैध बालू खनन और परिवहन का विरोध करने वालों को पुलिस इसी तरह डरा-धमका रही है।
पुलिस का पलटवार: “ये बालू नहीं, ‘ब्राउन शुगर’ का मामला है”
मामले के दूसरे पक्ष यानी दारोगा विकास कुमार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उनका पक्ष कुछ इस प्रकार है:
- झूठा इल्जाम: दारोगा ने कहा कि मारपीट की बात पूरी तरह बेबुनियाद है।
- आपराधिक रिकॉर्ड: पुलिस का दावा है कि कन्हैया और उसका भाई इलाके में ब्राउन शुगर (नशीले पदार्थ) की तस्करी में लिप्त हैं।
- बदले की कार्रवाई: जब पुलिस ने उनके नशे के अवैध धंधे पर नकेल कसी और सख्ती दिखाई, तो खुद को बचाने के लिए वे पुलिस पर ही मनगढ़ंत आरोप लगाकर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।


