HIGHLIGHTS
- नतीजे घोषित: बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) ने दारोगा भर्ती की प्रारंभिक लिखित परीक्षा का परिणाम जारी किया।
- सफलता का आंकड़ा: कुल 1799 पदों के मुकाबले 35,587 अभ्यर्थियों ने मुख्य परीक्षा (Mains) के लिए क्वालिफाई किया है।
- अगली चुनौती: मुख्य लिखित परीक्षा अप्रैल के तीसरे सप्ताह में होने की संभावना है।
- कड़ा मुकाबला: 10.5 लाख आवेदकों में से 7.26 लाख से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए थे।
पटना | 17 मार्च, 2026
बिहार में वर्दी का सपना देखने वाले युवाओं के लिए सोमवार का दिन बड़ी खबर लेकर आया। बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग ने बहुप्रतीक्षित दारोगा भर्ती की प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित कर दिया है। 1799 रिक्तियों के लिए आयोजित इस परीक्षा ने अब मुख्य परीक्षा की राह साफ कर दी है, जहाँ मुकाबला और भी कड़ा होने वाला है।
परीक्षा का सफर: 10 लाख से 35 हजार तक
जनवरी में आयोजित हुई इस परीक्षा के आंकड़े इसकी सघनता को बयां करते हैं:
- परीक्षा तिथियां: प्रारंभिक परीक्षा 18 और 21 जनवरी को दो पालियों में आयोजित की गई थी।
- भागीदारी: लगभग साढ़े दस लाख अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था, जिनमें से 7.26 लाख से अधिक ने मैदान में उतरकर अपनी किस्मत आजमाई।
- चयन: आयोग ने रिक्तियों के अनुपात में 35,587 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के योग्य पाया है।
श्रेणीवार परिणाम और ट्रांसजेंडर कोटा
विशेष कार्य पदाधिकारी किरण कुमार ने स्पष्ट किया कि आयोग ने प्रत्येक कोटि की सभी रिक्तियों को भरने की प्रक्रिया पूरी की है। हालांकि, ट्रांसजेंडर श्रेणी में एक विशेष स्थिति देखी गई:
- ट्रांसजेंडर: इस कोटि में वांछित संख्या से कम, केवल 17 अभ्यर्थी ही सफल हो पाए हैं।
तैयार हो जाइए: अप्रैल में है ‘महामुकाबला’
प्रारंभिक परीक्षा पास करने वाले अभ्यर्थियों के पास अब समय बहुत कम है। आयोग के अनुसार, मुख्य लिखित परीक्षा अप्रैल के तीसरे सप्ताह में संभावित है। इसका मतलब है कि सफल उम्मीदवारों के पास रिवीजन और गहन अध्ययन के लिए महज एक महीने का समय बचा है।
VOB का नजरिया: क्या ‘एक महीने’ की तैयारी काफी है?
’द वॉयस ऑफ बिहार’ सफल अभ्यर्थियों को बधाई देता है, लेकिन साथ ही सचेत भी करता है। प्री परीक्षा केवल एक छंटनी प्रक्रिया थी, असली परीक्षा ‘मेंस’ में होगी जहाँ विषयों की गहराई और प्रतिस्पर्धा का स्तर कहीं अधिक होगा। 7.26 लाख में से 35 हजार में आना बड़ी उपलब्धि है, लेकिन अब लड़ाई एक-एक नंबर की है। अभ्यर्थियों को सलाह दी जाती है कि वे पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों और ‘करंट अफेयर्स’ पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि अप्रैल का तीसरा सप्ताह दूर नहीं है।


