डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में दिए एक बयान में संकेत दिया है कि ईरान के बाद उनका अगला फोकस क्यूबा हो सकता है। वॉशिंगटन स्थित White House में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि उन्हें लगता है कि क्यूबा को “ले लेने” का अवसर मिल सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि वे क्यूबा को आजाद कर सकते हैं या अपने तरीके से उसके साथ व्यवहार कर सकते हैं।
हाल के वर्षों में Cuba गंभीर आर्थिक संकट, बिजली की कमी और बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शनों का सामना कर रहा है। इसी पृष्ठभूमि में ट्रंप के इस बयान को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि यह बयान लैटिन अमेरिका में अमेरिकी प्रभाव को लेकर नई बहस को जन्म दे सकता है। यदि ऐसा होता है, तो यह क्षेत्रीय राजनीति और कूटनीति पर महत्वपूर्ण असर डाल सकता है।


