बिहार में अगले कुछ दिनों तक मौसम का मिजाज बदला हुआ रहने वाला है। मौसम विभाग ने मंगलवार को राज्य के करीब 20 जिलों के लिए आंधी और बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और वज्रपात की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर और पूर्वी बिहार के जिलों में इसका असर ज्यादा देखने को मिल सकता है, जबकि दक्षिण और पश्चिमी हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत सामान्य रहने की उम्मीद है। फिलहाल राज्य में अधिकतम तापमान 34 से 38 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
मार्च में ही महसूस होने लगी भीषण गर्मी
सोमवार को तेज धूप के कारण लोगों को काफी गर्मी का सामना करना पड़ा। कई जिलों में तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया।
सबसे ज्यादा तापमान नालंदा के राजगीर में 37.6°C रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा कैमूर और सासाराम में 37.4°C, गया में 36.6°C और पटना में करीब 35.2°C तापमान दर्ज हुआ।
किशनगंज में ओलावृष्टि, कई जिलों में तेज आंधी
शाम होते-होते मौसम ने अचानक करवट ले ली। किशनगंज और अररिया में तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई। वहीं पटना, मधुबनी, रक्सौल और बगहा समेत कई इलाकों में तेज आंधी चलने से मौसम सुहावना हो गया।
उत्तर बिहार के कई जिलों में देर रात तक बादल छाए रहे। मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है।
20 से 22 मार्च के बीच राज्य के कई हिस्सों में फिर से बारिश तेज होने की संभावना जताई गई है।
पटना में फिलहाल बारिश के आसार कम
मंगलवार के पूर्वानुमान के अनुसार सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, मधुबनी, दरभंगा और वैशाली समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चल सकती हैं।
18 और 19 मार्च को कुछ इलाकों में हल्की बारिश से मौसम में राहत मिल सकती है। हालांकि राजधानी पटना में फिलहाल हल्के बादल छाए रहने की संभावना है, लेकिन बारिश की संभावना कम बताई गई है।
पटना में अधिकतम तापमान 35 से 37 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21 से 23 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है।
मार्च के अंत से बढ़ेगी गर्मी
मौसम विभाग के अनुसार अगले सात दिनों तक मौसम का यही रुख बना रह सकता है। इसके बाद मार्च के अंतिम सप्ताह से तापमान धीरे-धीरे बढ़ने लगेगा।
अप्रैल के पहले सप्ताह तक कई जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच सकता है, जिससे लू जैसे हालात बनने की संभावना है।


