HIGHLIGHTS
- परीक्षा शुरू: बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड (BSSB) की मध्यमा परीक्षा-2026 आज (16 मार्च) से प्रारम्भ।
- मैदान में अध्यक्ष: बोर्ड अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार झा ने मधुबनी के परीक्षा केंद्र पर खुद संभाली कमान।
- जीरो टॉलरेंस: कदाचारमुक्त और पारदर्शी परीक्षा के लिए लगाए गए विशेष पर्यवेक्षक।
- शेड्यूल: 16 से 19 मार्च तक दो पालियों में चलेगी परीक्षा; पहले दिन व्यवस्था रही चाक-चौबंद।
मधुबनी/पटना | 16 मार्च, 2026
बिहार में संस्कृत शिक्षा के महाकुंभ ‘मध्यमा परीक्षा-2026’ की आज से विधिवत शुरुआत हो गई है। परीक्षा के पहले ही दिन प्रशासन की मुस्तैदी और बोर्ड की गंभीरता धरातल पर दिखी। बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार झा ने खुद मोर्चा संभालते हुए मधुबनी जिले के केंद्रों का औचक निरीक्षण किया, जिससे परीक्षा केंद्रों पर हड़कंप की स्थिति रही।
“नकल भूल जाइए, अनुशासन ही मंत्र है”: अध्यक्ष का कड़ा रुख
अध्यक्ष मृत्युंजय कुमार झा सोमवार को अचानक मधुबनी स्थित सूरज नारायण सिंह देव नारायण गुड़मैता परीक्षा केंद्र पहुंचे।
- बारीकी से जांच: उन्होंने केवल दफ्तर में बैठकर फाइलें नहीं देखीं, बल्कि परीक्षा कक्षों के भीतर जाकर प्रश्नपत्र वितरण, परीक्षार्थियों की उपस्थिति और उत्तरपुस्तिकाओं की सुरक्षा व्यवस्था को स्वयं परखा।
- केंद्र अधीक्षकों को निर्देश: अध्यक्ष ने साफ कर दिया कि परीक्षा संचालन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने केंद्राधीक्षकों को पारदर्शी और अनुशासित वातावरण बनाए रखने के सख्त निर्देश दिए।
परीक्षार्थियों से संवाद: “संस्कृत ही संस्कृति का आधार”
निरीक्षण के दौरान अध्यक्ष ने छात्रों का हौसला भी बढ़ाया। उन्होंने परीक्षार्थियों से बातचीत की और उन्हें बिना किसी तनाव के निष्ठापूर्वक परीक्षा देने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि संस्कृत शिक्षा का विकास केवल तभी संभव है जब विद्यार्थी अनुशासन और मेहनत को अपना हथियार बनाएं।
मध्यमा परीक्षा-2026: एक नज़र में
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विवरण |
जानकारी |
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परीक्षा की अवधि |
16 मार्च से 19 मार्च, 2026 |
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परीक्षा प्रारूप |
प्रतिदिन दो पालियाँ (सुबह और दोपहर) |
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सुरक्षा व्यवस्था |
विशेष पर्यवेक्षक एवं बोर्ड द्वारा लाइव निगरानी |
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मुख्य उद्देश्य |
पूर्णतः |


