भागलपुर में कैंसर के खिलाफ ‘महायुद्ध’ का आगाज़! BCCO और JLNMCH की साझा पहल; नवीन झा का बड़ा एलान— “अब गांव से दिल्ली तक नहीं भटकेगा मरीज”

HIGHLIGHTS

  • बड़ी पहल: जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज (JLNMCH) में कैंसर जागरूकता और प्राथमिक जांच शिविर का सफल आयोजन।
  • बचाव का मंत्र: BCCO चेयरमैन नवीन झा बोले— “जल्द पहचान ही सबसे बड़ा इलाज, कैंसर से डरना नहीं, लड़ना है।”
  • नेटवर्क विस्तार: बिहार के सभी 38 जिलों में पंचायत स्तर पर बनेगा ढांचा; दिल्ली तक मिलेगी सीधी मदद।
  • सस्ता इलाज: आर्थिक और भावनात्मक संबल देने के लिए हेल्पलाइन और वॉलंटियर्स का बड़ा नेटवर्क तैयार।

भागलपुर | 16 मार्च, 2026

​कैंसर… एक ऐसा नाम जो सुनते ही अच्छे-भलों के पसीने छूट जाते हैं। लेकिन आज भागलपुर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (JLNMCH) परिसर में इस डर को ‘उम्मीद’ में बदलते देखा गया। बिहार कैंसर केयर ऑर्गनाइजेशन (BCCO) और मेडिकल कॉलेज के संयुक्त प्रयास से आयोजित शिविर ने यह संदेश दिया कि अगर जंग समय रहते शुरू हो, तो कैंसर को मात देना मुमकिन है।

“कैंसर को पनपने से पहले पहचानना है हमारा लक्ष्य”: नवीन झा

​कार्यक्रम के मुख्य वक्ता और BCCO के चेयरमैन नवीन झा ने संस्थान का विजन साझा करते हुए कहा कि अक्सर जानकारी के अभाव में लोग तीसरी या चौथी स्टेज पर अस्पताल पहुँचते हैं, जहाँ इलाज मुश्किल और महंगा हो जाता है।

  • प्राथमिक जांच: शिविर में विशेषज्ञों ने दर्जनों मरीजों की प्राथमिक जांच की और उन्हें उचित परामर्श दिया।
  • रोडमैप 2026: नवीन झा ने एलान किया कि BCCO अब केवल पटना या भागलपुर तक सीमित नहीं रहेगा। बिहार के हर गांव और पंचायत स्तर पर वॉलंटियर्स तैनात किए जा रहे हैं।

पंचायत से दिल्ली तक: ‘भटकाव’ रोकने की तैयारी

​बिहार में कैंसर मरीजों की सबसे बड़ी समस्या ‘सही मार्गदर्शन’ की कमी है। BCCO ने इसका समाधान निकाल लिया है:

  1. हेल्पलाइन नंबर: किसी भी जिले का मरीज घर बैठे विशेषज्ञों से सलाह ले सकेगा।
  2. संगठनात्मक ढांचा: सभी 38 जिलों में टीम का गठन, जो मरीज को स्थानीय स्तर से लेकर पटना और दिल्ली के बड़े अस्पतालों तक ‘हैंड-होल्डिंग’ सपोर्ट देगी।
  3. सोशल मीडिया कैंपेन: युवाओं को जोड़कर घर-घर जागरूकता पहुँचाने का लक्ष्य।

विशेषज्ञों की राय: “डर का इलाज है जानकारी”

​JLNMCH के वरिष्ठ चिकित्सकों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया और बताया कि कैंसर के शुरुआती लक्षणों (जैसे बिना दर्द वाली गांठ, वजन का अचानक गिरना या पुरानी खांसी) को नजरअंदाज करना जानलेवा हो सकता है। विशेषज्ञों ने BCCO की इस जमीनी पहल को बिहार के स्वास्थ्य ढांचे के लिए एक क्रांतिकारी कदम बताया।

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