HIGHLIGHTS
- चैंपियन की दहाड़: 10 वर्षीय अजहान अनवर ने 200 मीटर दौड़ में जीता स्वर्ण पदक।
- लगातार दूसरी जीत: 11वें के बाद अब 12वें संस्करण में भी लहराया जीत का परचम।
- मेजबान पटना: पाटलिपुत्र खेल परिसर में आयोजित हुई 12वीं राष्ट्रीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप फॉर ऑटिज्म।
- मंत्री का मिला साथ: खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने खुद मैदान में उतरकर बढ़ाया विशेष खिलाड़ियों का हौसला।
पटना | 16 मार्च, 2026
कहते हैं कि अगर हौसले बुलंद हों, तो कोई भी बाधा आपके पंखों को उड़ने से नहीं रोक सकती। पटना के 10 वर्षीय नन्हे धावक अजहान अनवर ने इस बात को एक बार फिर सच साबित कर दिया है। रविवार को राजधानी के पाटलिपुत्र खेल परिसर में आयोजित 12वीं राष्ट्रीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप फॉर ऑटिज्म में अजहान ने अपनी रफ्तार का ऐसा जादू बिखेरा कि पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
200 मीटर के ‘अनडिस्प्यूटेड किंग’: अजहान का ‘डबल धमाका’
अजहान अनवर के लिए यह जीत केवल एक पदक नहीं, बल्कि उनकी निरंतरता का प्रमाण है।
- रिपीट टेलीकास्ट: अजहान ने 200 मीटर की दौड़ में अपनी श्रेणी में स्वर्ण पदक जीता।
- बैक-टू-बैक: यह अजहान का लगातार दूसरा राष्ट्रीय स्वर्ण है। इससे पहले उन्होंने 11वें संस्करण में भी इसी स्पर्धा में बिहार के लिए सोना जीता था। अजहान की यह जीत दिखाती है कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिले, तो ‘स्पेशल’ बच्चे भी समाज के लिए ‘सुपरस्टार’ बन सकते हैं।
खेल मंत्री श्रेयसी सिंह का मिला प्रोत्साहन
इस मौके पर बिहार की खेल मंत्री श्रेयसी सिंह मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। खुद एक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी होने के नाते उन्होंने ऑटिज्म से जूझ रहे इन बच्चों के संघर्ष और उनकी प्रतिभा को गहराई से सराहा। उन्होंने कहा, “अजहान जैसे बच्चे बिहार की असली ताकत हैं। खेल विभाग इन प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच तक ले जाने के लिए हर संभव मदद करेगा।” मंत्री ने सभी प्रतिभागियों के साथ समय बिताया और उनके माता-पिता के धैर्य की भी प्रशंसा की।


