बिहार के 13 जिलों में ऑरेंज अलर्ट, 25 में येलो; आंधी-बारिश से आम और केले की फसल पर मंडराया बड़ा खतरा

HIGHLIGHTS

  • बड़ी चेतावनी: सोमवार को पूरे राज्य में आंधी-तूफान का साया; दक्षिण और उत्तर-पूर्वी बिहार में बारिश के आसार।
  • ऑरेंज अलर्ट: 13 जिलों में 40 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी तेज हवाएं।
  • येलो अलर्ट: 25 जिलों में मेघ गर्जन, बिजली गिरने और हल्की बारिश की संभावना।
  • किसानों की चिंता: 20 मार्च तक खराब रहेगा मौसम; आम के मंजर और केले के बागानों को भारी नुकसान की आशंका।

पटना | 16 मार्च, 2026

​बिहार में मौसम का मिजाज अचानक तल्ख हो गया है। होली के खुमार के बीच अब ‘आसानी आंधी’ और ‘बिन मौसम बरसात’ ने दस्तक दे दी है। पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने सोमवार को राज्यभर में तेज आंधी और बारिश को लेकर हाई अलर्ट जारी किया है। अगले सात दिनों तक राज्य के अलग-अलग हिस्सों में ‘मार्च का टॉर्चर’ जारी रहने वाला है, जिससे आम आदमी की परेशानी और किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं।

कहाँ है ‘ऑरेंज’ और कहाँ ‘येलो’ अलर्ट?

​मौसम विभाग ने भौगोलिक स्थिति के आधार पर राज्य को दो भागों में बांटा है:

  • ऑरेंज अलर्ट (13 जिले): उत्तर-मध्य और उत्तर-पश्चिम भाग (इसमें चंपारण, सारण और मिथिलांचल के कुछ हिस्से शामिल हैं)। यहाँ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी हवाएं चल सकती हैं।
  • येलो अलर्ट (25 जिले): पटना समेत दक्षिण बिहार और उत्तर-पूर्वी भाग (पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर आदि)। यहाँ बिजली गिरने (वज्रपात) और तेज हवा के साथ बारिश की संभावना है।

क्यों बदला मौसम? एक्सपर्ट की राय

​पटना मौसम विभाग के वरीय वैज्ञानिक डॉ. आनंद शंकर के अनुसार, वायुमंडल के निचले स्तर पर आर्द्रता (Humidity) की मात्रा बढ़ गई है। स्थानीय स्तर पर हो रही ‘संवहनीय गतिविधियों’ (Convective Activities) के कारण बादलों का निर्माण तेजी से हो रहा है, जो अचानक आंधी और बारिश का कारण बन रहे हैं। यह स्थिति 20 मार्च तक बनी रह सकती है।

फसलों पर ‘कुदरती’ प्रहार: आम और केला रडार पर

​यह समय बिहार के किसानों के लिए बहुत संवेदनशील है।

  • आम: पेड़ों पर मंजर और छोटे फल (टिकौले) आ चुके हैं। तेज हवा और बारिश इन्हें झाड़ सकती है।
  • केला: भागलपुर (नवगछिया) और कटिहार के केला बागानों के लिए 50 किमी की रफ्तार वाली हवा काल साबित हो सकती है।
  • रबी फसल: कटाई के लिए तैयार गेहूं और दलहन की फसलों को भी भीगने से भारी नुकसान हो सकता है।

VOB का नजरिया: सावधानी ही बचाव है!

​मार्च महीने में इस तरह का ‘वेदर टर्न’ डराने वाला है। आंधी-बारिश से केवल फसलें ही नहीं, बल्कि जान-माल का भी जोखिम रहता है। ‘द वॉयस ऑफ बिहार’ नागरिकों से अपील करता है कि खराब मौसम के दौरान ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और जर्जर मकानों से दूर रहें। किसानों को सलाह है कि अगर फसल कट चुकी है, तो उसे सुरक्षित स्थानों पर ढक कर रखें। कुदरत के आगे किसी का जोर नहीं, लेकिन तैयारी से ‘चोट’ कम की जा सकती है।

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