
HIGHLIGHTS
- हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी: छपरा (सारण) के औद्योगिक थाना पुलिस ने राजद के पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह के भतीजे सुधीर सिंह को दबोचा।
- बड़ा आरोप: शराब के नशे में धुत होकर पुलिसकर्मियों के साथ बदतमीजी और धौंस जमाने का आरोप।
- पुलिस की सख्ती: थाने पर समर्थकों के भारी दबाव के बावजूद पुलिस ने झुकने से किया इनकार; मेडिकल जांच के बाद कानूनी प्रक्रिया शुरू।
- इलाके में चर्चा: महाराजगंज की सियासत से जुड़े ‘पावरफुल’ परिवार के सदस्य पर कार्रवाई से हड़कंप।
सारण (छपरा) | 15 मार्च, 2026
बिहार की राजनीति में ‘बाहुबली’ के रूप में चर्चित पूर्व सांसद प्रभुनाथ सिंह के परिवार के लिए मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। शनिवार की देर शाम सारण जिले के औद्योगिक थाना क्षेत्र में पुलिस ने उनके भतीजे सुधीर सिंह को शराब के नशे में गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी केवल शराबबंदी कानून के उल्लंघन तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें पुलिस के साथ उलझने और पद-प्रतिष्ठा की धौंस दिखाने का भी तड़का लगा है।
“तुम जानते नहीं मैं कौन हूँ?”: पुलिस से उलझना पड़ा महंगा
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस सूत्रों के अनुसार, सुधीर सिंह नशे की हालत में थे और सरेआम हंगामा कर रहे थे। जब औद्योगिक थाना पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो उन्होंने कथित तौर पर अपने रसूख का हवाला देते हुए पुलिसकर्मियों पर धौंस जमाने की कोशिश की। आरोप है कि उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों के साथ बदतमीजी भी की। इस पर पुलिस ने बिना किसी हिचकिचाहट के उन्हें तत्काल हिरासत में ले लिया।
थाने पर बढ़ा ‘सियासी’ पारा, पर पुलिस ने दिखाया ‘दम’
सुधीर सिंह की गिरफ्तारी की खबर जंगल की आग की तरह फैली और देखते ही देखते औद्योगिक थाने पर उन्हें छुड़ाने वालों की भीड़ और फोन कॉल्स का सिलसिला शुरू हो गया। सूत्रों की मानें तो पुलिस पर भारी दबाव बनाने की कोशिश की गई। हालांकि, औद्योगिक थाना प्रभारी ने स्पष्ट कर दिया कि— “कानून सबके लिए बराबर है। दबाव में आने का सवाल ही नहीं उठता।” सुधीर सिंह की मेडिकल जांच कराई गई है और उत्पाद अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है।
VOB का नजरिया: ‘नाम’ बड़ा या ‘कानून’?
सारण की धरती पर प्रभुनाथ सिंह के परिवार का एक अलग राजनीतिक रसूख रहा है। लेकिन सुधीर सिंह की यह गिरफ्तारी संदेश देती है कि शराबबंदी के मामले में अब ‘बड़े नाम’ भी पुलिस की रडार से बाहर नहीं हैं। पुलिस के साथ बदतमीजी करना यह दर्शाता है कि सत्ता और रसूख का नशा शराब के नशे से भी ज्यादा गहरा हो सकता है। औद्योगिक थाना पुलिस की यह मुस्तैदी काबिले तारीफ है कि उन्होंने रसूखदारों के आगे घुटने नहीं टेके। अब देखना यह है कि यह ‘बाहुबली’ कनेक्शन इस कानूनी लड़ाई को किस मोड़ पर ले जाता है।


