नई दिल्ली: चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है. तारीखों की घोषणा के साथ ही इन चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में आदर्श आचार संहिता भी लागू हो गई है. अब कोई भी राजनीतिक दल मतदाताओं को लुभाने के लिए नई घोषणाएं नहीं कर सकेगा और राज्य की प्रशासनिक मशीनरी चुनाव आयोग के नियंत्रण में रहेगी.
चुनाव कार्यक्रम के अनुसार पश्चिम बंगाल में इस बार दो चरणों में मतदान कराया जाएगा. राज्य में 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे, जबकि मतगणना 4 मई को होगी. गौरतलब है कि 2021 के विधानसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में आठ चरणों में मतदान कराया गया था, जिसे लेकर विपक्षी दलों ने सवाल भी उठाए थे.
तमिलनाडु में इस बार एक ही चरण में 23 अप्रैल को मतदान होगा. वहीं असम, केरल और पुडुचेरी में एक ही चरण में 9 अप्रैल को वोटिंग कराई जाएगी. इन तीनों जगहों पर भी मतगणना 4 मई को ही होगी.
सुरक्षा के लिहाज से पश्चिम बंगाल को संवेदनशील राज्य माना जा रहा है. चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से कराने के लिए वहां केंद्रीय सुरक्षा बलों की लगभग 480 बटालियन पहले ही तैनात की जा चुकी हैं. चुनाव आयोग के अनुसार केंद्रीय बलों की तैनाती को लेकर अंतिम फैसला अब आयोग द्वारा नियुक्त पुलिस ऑब्जर्वर जिला प्रशासन से सलाह लेकर करेंगे. पहले यह जिम्मेदारी जिलों के पुलिस प्रमुखों के पास होती थी.
राजनीतिक रूप से पश्चिम बंगाल का चुनाव काफी अहम माना जा रहा है. तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी लगातार चौथी बार सत्ता में वापसी की कोशिश कर रही हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी राज्य में सत्ता परिवर्तन के लिए पूरी ताकत झोंक रही है.
इस बार पश्चिम बंगाल में चुनाव स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के बाद कराए जा रहे हैं. यह मुद्दा राज्य की राजनीति में काफी चर्चा में रहा और मामला सुप्रीम कोर्ट तक भी पहुंचा था.


