ईरान-इज़राइल तनाव के बीच नेतन्याहू की मौत की अफवाहें, IRGC के बयान से बढ़ी चर्चा; पीएम ऑफिस ने बताया फेक न्यूज़

ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते तनाव के बीच सोशल मीडिया पर इज़राइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu की मौत को लेकर अफवाहें तेज़ी से फैलने लगी हैं। इन अफवाहों को उस समय और हवा मिल गई जब Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने रविवार को एक बयान जारी किया।

IRGC ने अपने बयान में कहा कि अगर “अपराधी प्रधानमंत्री” अभी भी जीवित हैं तो उनका पीछा किया जाएगा और उन्हें मार गिराया जाएगा। संगठन ने नेतन्याहू को “बच्चों का हत्यारा” तक करार दिया। IRGC के मुताबिक, यह अनिश्चितता कि नेतन्याहू मारे गए हैं या परिवार के साथ कहीं चले गए हैं, इज़राइली समाज में बेचैनी पैदा कर रही है।

सोशल मीडिया पर फैली मौत की अफवाहें

पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर कई यूज़र्स यह दावा कर रहे हैं कि ईरानी हमलों में नेतन्याहू मारे गए हैं। वहीं कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि वे कई दिनों से सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए और न ही किसी महत्वपूर्ण सुरक्षा बैठक में दिखाई दिए, जिससे अटकलें और तेज़ हो गईं।

AI वीडियो विवाद से बढ़ी अटकलें

शुक्रवार को नेतन्याहू ने अपने एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर अमेरिका-इज़राइल-ईरान युद्ध से जुड़ी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का वीडियो साझा किया। इस वीडियो को लेकर विवाद तब शुरू हुआ जब कुछ यूज़र्स ने दावा किया कि उनके दाहिने हाथ में छह उंगलियां दिखाई दे रही हैं।

वीडियो के करीब 0:35 सेकंड पर हाथ उठाते समय छोटी उंगली के पास अतिरिक्त हिस्सा दिखाई देने का दावा किया गया, जिसे कुछ लोगों ने “AI फिंगर ग्लिच” बताया। इसी आधार पर सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैलने लगी कि वीडियो AI-जनरेटेड है और असली नेतन्याहू अब जीवित नहीं हैं।

पीएम ऑफिस ने बताया फेक न्यूज़

इन सभी दावों पर नेतन्याहू के कार्यालय ने स्पष्ट जवाब दिया है। एक पत्रकार द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब में प्रधानमंत्री कार्यालय ने कहा कि सोशल मीडिया पर चल रही मौत की खबरें पूरी तरह फर्जी हैं और प्रधानमंत्री बिल्कुल सुरक्षित हैं।

फैक्ट-चेकर्स और विश्वसनीय स्रोतों ने भी इन अफवाहों को गलत बताया है। विशेषज्ञों के अनुसार वीडियो में दिखाई देने वाला “छठी उंगली” का भ्रम कैमरे के एंगल और ऑप्टिकल इल्यूजन के कारण हुआ है, न कि किसी AI तकनीक की गलती से।

इस तरह, सोशल मीडिया पर चल रही नेतन्याहू की मौत की खबरों को पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताया गया है।

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