नई दिल्ली। देश के पांच राज्यों—पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों का आधिकारिक ऐलान आज शाम 4 बजे किया जाएगा। चुनाव आयोग दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से चुनावी कार्यक्रम की घोषणा करेगा। जैसे ही चुनाव कार्यक्रम घोषित होगा, इन सभी राज्यों में तुरंत प्रभाव से आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू हो जाएगी। इसके बाद राज्य सरकारें किसी भी नई योजना या घोषणा नहीं कर पाएंगी।
इन राज्यों के चुनाव केवल स्थानीय सत्ता का फैसला ही नहीं करेंगे, बल्कि देश की आगामी राजनीति की दिशा और दशा तय करने में भी अहम भूमिका निभाएंगे।
पश्चिम बंगाल: ममता का किला बनाम बीजेपी की चुनौती
पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों पर इस बार मुकाबला बेहद दिलचस्प माना जा रहा है। वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस ने 213 सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया था, जबकि भारतीय जनता पार्टी 77 सीटों पर सिमट गई थी। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार चौथी बार सत्ता में वापसी का लक्ष्य लेकर मैदान में हैं, वहीं बीजेपी बंगाल में पहली बार सरकार बनाने के इरादे से चुनावी मैदान में उतरेगी। वामपंथी दलों और कांग्रेस के लिए भी यह चुनाव अपने राजनीतिक अस्तित्व को बचाने की बड़ी चुनौती बन गया है।
तमिलनाडु: द्रविड़ राजनीति में नया मोड़
तमिलनाडु की 234 विधानसभा सीटों पर इस बार मुकाबला और भी रोचक होने वाला है। पिछले चुनाव में एमके स्टालिन के नेतृत्व में डीएमके ने 133 सीटें जीतकर एआईएडीएमके के 10 साल पुराने शासन का अंत किया था। इस बार डीएमके-कांग्रेस गठबंधन के सामने एआईएडीएमके और बीजेपी का गठजोड़ चुनौती पेश करेगा। वहीं तमिल फिल्म अभिनेता थलपति विजय ने अपनी नई पार्टी ‘टीवीके’ बनाकर चुनावी मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है।
केरल: लेफ्ट के गढ़ को बचाने की चुनौती
केरल की 140 विधानसभा सीटों पर भी इस बार सियासी जंग कड़ी होने वाली है। 2021 के चुनाव में लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) ने 99 सीटें जीतकर लगातार दूसरी बार सरकार बनाई थी। मुख्यमंत्री पिनराई विजयन इस बार तीसरी बार सत्ता में वापसी का लक्ष्य लेकर मैदान में होंगे। वहीं कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) पिछले 10 साल से सत्ता से बाहर है और वापसी की कोशिश में है। बीजेपी भी इस बार राज्य में बेहतर प्रदर्शन करने की रणनीति के साथ चुनाव में उतर रही है।
असम: बीजेपी की हैट्रिक या कांग्रेस की वापसी
असम की 126 विधानसभा सीटों पर सत्तारूढ़ बीजेपी अपनी सरकार बचाने के लिए पूरी ताकत झोंक रही है। 2021 के चुनाव में बीजेपी गठबंधन ने 75 सीटें जीतकर दोबारा सत्ता हासिल की थी, जिसके बाद हिमंता बिस्वा सरमा मुख्यमंत्री बने थे। इस बार बीजेपी ने 100 से अधिक सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है। दूसरी ओर कांग्रेस ने कई दलों के साथ गठबंधन कर बीजेपी को चुनौती देने की रणनीति तैयार की है।
पुडुचेरी: छोटी विधानसभा, बड़ी सियासी लड़ाई
केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में 30 सीटों वाली विधानसभा के लिए भी चुनाव होने हैं। 2021 में एआईएनआरसी और बीजेपी गठबंधन ने 16 सीटें जीतकर कांग्रेस सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया था। वर्तमान में एन रंगासामी मुख्यमंत्री हैं। इस बार कांग्रेस और डीएमके मिलकर सत्ता में वापसी की कोशिश में हैं और मौजूदा सरकार के खिलाफ माहौल बनाने में जुटे हैं।
आज शाम चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही इन राज्यों में चुनावी गतिविधियां तेज हो जाएंगी और राजनीतिक दल अपने-अपने अभियान को अंतिम रूप देना शुरू कर देंगे।


