भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आयोजित राष्ट्रीय महिला आयोग की जनसुनवाई के दौरान एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने वहां मौजूद अधिकारियों को भी स्तब्ध कर दिया। महारानी लक्ष्मीबाई (MLB) कॉलेज परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में एक विवाहिता ने अपने पति और उसकी सगी बहन के बीच अवैध संबंधों का गंभीर आरोप लगाया। पीड़िता ने रोते हुए बताया कि उसका पति उसके सामने ही अपनी बहन के साथ शारीरिक संबंध बनाता है और विरोध करने पर उसे प्रताड़ित किया जाता है।
महिला की आपबीती सुनकर राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर समेत मौजूद अधिकारी भी सन्न रह गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने पुलिस को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
रोते हुए महिला ने सुनाई दर्दभरी कहानी
जनसुनवाई के दौरान महिला मंच पर पहुंची और फूट-फूटकर रोने लगी। उसने बताया कि उसके पति के अपनी सगी बहन के साथ अवैध संबंध हैं और वह कई बार इस घटना की गवाह बन चुकी है।
महिला ने आरोप लगाया कि जब उसने इसका विरोध किया, तो उसके साथ मारपीट और मानसिक प्रताड़ना की गई। उसने कहा कि वह कई बार पुलिस थाने गई और सास-ससुर को भी पूरी बात बताई, लेकिन किसी ने उसकी शिकायत पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया।
पीड़िता के मुताबिक पुलिस भी उसकी शिकायत दर्ज करने के बजाय उसे बार-बार टालती रही।
महिला आयोग ने पुलिस को लगाई फटकार
महिला की शिकायत सुनने के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि मामले में तुरंत एफआईआर दर्ज कर निष्पक्ष जांच की जाए।
आयोग ने यह भी कहा कि महिलाओं से जुड़े गंभीर मामलों में पुलिस की लापरवाही बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए हर जरूरी कदम उठाया जाएगा।
30 हजार से ज्यादा मामले लंबित
जनसुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश राज्य महिला आयोग की स्थिति पर भी सवाल उठे। जानकारी सामने आई कि राज्य महिला आयोग में कई पद खाली होने के कारण 30 हजार से अधिक शिकायतें लंबित पड़ी हैं।
इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए विजया रहाटकर ने कहा कि लंबित मामलों के समाधान के लिए जल्द ही आवश्यक कदम उठाए जाएंगे ताकि पीड़ित महिलाओं को समय पर न्याय मिल सके।
टूटते परिवार को भी जोड़ा
कार्यक्रम के दौरान जहां कई गंभीर मामले सामने आए, वहीं एक सकारात्मक पहल भी देखने को मिली। दो महीने से अलग रह रहे एक पति-पत्नी को महिला आयोग के सामने बुलाकर काउंसलिंग कराई गई।
काउंसलिंग के बाद दोनों ने आपसी सहमति से फिर से साथ रहने का फैसला किया। इस मौके पर आयोग की अध्यक्ष ने उन्हें मंच पर पौधा भेंट कर नई शुरुआत के लिए शुभकामनाएं दीं।
छेड़खानी और पीछा करने की भी शिकायत
जनसुनवाई में शाहपुरा इलाके की एक महिला ने भी अपनी समस्या रखी। उसने बताया कि एक युवक पिछले एक साल से उसका पीछा कर रहा है, जिससे उसका घर से निकलना भी मुश्किल हो गया है।
महिला ने आरोप लगाया कि कई बार शिकायत करने के बावजूद पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इस पर आयोग ने पुलिस कमिश्नर को तत्काल मामले में कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
महिला आयोग की इस जनसुनवाई में सामने आए मामलों ने महिलाओं की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था से जुड़े कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आयोग ने अधिकारियों को स्पष्ट किया है कि हर शिकायत की निष्पक्ष जांच कर पीड़ितों को न्याय दिलाया जाए।


